कानपुर में कोरोना से बचाव के लिए बच्चों में कोवाक्सिन का ट्रायल मंगलवार से प्रखर अस्पताल में शुरू हो गया है। बच्चों को इंजेक्शन के जरिये वैक्सीन दी गई। पहले चरण के ट्रायल में 12 से 18 साल की उम्र के वॉलिंटियर रखे गए हैं। प्रदेश में बच्चों की वैक्सीन का ट्रायल सिर्फ कानपुर में हो रहा है।
पहले चरण के फेज में 50 वॉलिंटियर पर ट्रायल किया जाएगा। मंगलवार को प्रखर अस्पताल में 20 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई थी। इनमें 12 को वैक्सीन लगाई गई। वैक्सीन लगवाने वाले बच्चों में ज्यादातर बालरोग विशेषज्ञों से जुड़े बच्चे थे। बच्चों को ट्रायल में शामिल करने के लिए और भी लोगों ने इच्छा जताई थी।
कोवाक्सिन ट्रायल के चीफ इन्वेस्टीगेटर डॉ. जेएस कुशवाहा ने बताया कि बच्चों पर पहले दिन का ट्रायल सफल रहा है। किसी को कोई दिक्कत नहीं हुई। ट्रायल दो-तीन जारी रहेगा। लक्ष्य पूरा होने के बाद दूसरा चरण होगा। इसमें छह साल से 12 साल तक के बच्चों को शामिल किया जाएगा। इसके बाद दो साल से छह साल के बच्चों को शामिल किया जाएगा।
पहली डोज लेने वाले बच्चों को 28 दिन के बाद दूसरी डोज के लिए बुलाया जाएगा। उस वक्त इनका ब्लड सैंपल लिया जाएगा। एंटीबॉडीज जांच के लिए सैंपल आईसीएमआर दिल्ली भेजे जाएंगे। प्रखर अस्पताल मेें इसके पहले स्वदेशी वैक्सीन कोवाक्सिन का बड़ों पर भी ट्रायल हुआ था। यह ट्रायल तीन चरणों में चला था।