कानपुर में कोवाक्सिन के ट्रायल में गुरुवार को पांच और बच्चों को डोज दी गई। इस तरह अब तक कुल 20 बच्चों को डोज लग चुकी है। ये सभी वालंटियर छह से 18 साल के बीच की उम्र के हैं। अब इनका सेफ्टी प्रोफाइल तैयार किया जाएगा। इसमें सुरक्षा, इम्यूनोजेेनोसिटी आदि मानक देखे जाएंगे।
इसके बाद सबसे कम उम्र दो साल के वालंटियर की बारी आएगी। सबसे छोटी उम्र के होने से दो साल के बच्चों के वैक्सीनेशन में बहुत एहतियात बरती जा रही है। ट्रायल के प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर पूर्व डीजीएमई प्रो. वीएन त्रिपाठी ने बताया कि बच्चों की वैक्सीन के दूसरे चरण का यह पहला ट्रायल है।