कोरोना संदिग्ध ने प्रधानमंत्री से मदद मांगी
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औरैया जिले के दिबियापुर संदिग्ध कोरोना संक्रमित गेल इंडिया लिमिटेड में मैनेजर की तबियत बिगड़ने पर मदद करने के लिए कोई आगे नहीं आया। यहां तक कि गेल अधिकारियों ने उसका फोन
भी उठाना बंद कर दिया। एंबुलेंस के इंतजार में सड़क किनारे बैठकर रोते हुए पीड़ित मैनेजर ने एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाला।
इससे गेल प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। वायरल हुए वीडियो में भारत सरकार की महारत्न कंपनी गेल इंडिया लिमिटेड में खुद को फायर एंड सेफ्टी विभाग में मैनेजर बताने वाला एक व्यक्ति गेल की आवासीय कालोनी गेल गांव के निराला कुंज के गेट पर बैठा दिख रहा है। गेल में खुद को मैनेजर बताने वाले व्यक्ति ने वीडियो बनाने का समय 27 मई को सुबह लगभग 3 बजे बताया है।
वीडियो में उसने बताया कि अपने गृह नगर से 7 दिन पहले वापस आया था। 24 घंटे पहले बुखार, उल्टी, सिर दर्द, बदन दर्द की उसे शिकायत हुई। इसकी जानकारी गेल प्रशासन को दी गई। परन्तु कोई सुनवाई नहीं हुई। अब एक घंटे से वह सड़क किनारे बैठकर एंबुलेंस का इंतजार कर रहा है।
गेल गांव में स्थित धन्वंतरि अस्पताल प्रशासन ने एंबुलेंस नहीं भेजी है। सड़क पर बैठा तड़प रहा हूं। जिला प्रशासन व गेल प्रशासन किसी मरीज के साथ ऐसा न करे। कोविड कोई जानबूझकर अपने साथ नहीं लाता, मजबूरी में किसी के साथ आता है। अभी तो मेरा कोई टेस्ट भी नहीं हुआ है।