कानपुर। कोरोना से बचाव के लिए स्वदेशी को-वैक्सिन का मानव ट्रायल शहर के 15 वॉलिंटियर पर होगा। सोमवार को आर्य नगर स्थित प्रखर अस्पताल में इन सभी वॉलिंटियर की सेहत की स्क्रीनिंग हुई। सेहत संबंधी विभिन्न जांचों के लिए इनका सैंपल इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) की दिल्ली स्थित लैब भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद इन्हें वैक्सीन की पहली डोज दी जाएगी। कानपुर प्रदेश का पहला शहर होगा जहां कोविड वैक्सीन के ट्रायल की शुरुआत हो रही है।
यह वैक्सीन इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी से जुड़ी भारत बायोटेक कंपनी ने तैयार की है। आईसीएमआर की निगरानी में यह ट्रायल देश के विभिन्न प्रांतों के 12 चिकित्सा संस्थानों में किया जा रहा है। यूपी में कानपुर के प्रखर अस्पताल और गोरखपुर के एक निजी क्षेत्र के अस्पताल को चयनित किया गया। गोरखपुर से पहले कानपुर में यह प्रक्रिया शुरू हुई है। बताया जा रहा है कि रिपोर्ट आने के बाद गुरुवार को इन वॉलिंटियर को पहली डोज (.5 एमएल) दी जा सकती है। फिर 14 दिन बाद इन वॉलिंटियर को बुलाया जाएगा।
ट्रायल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी, आईसीएमआर की निगरानी में होगा। डोज देने सेपहले जांचों से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि वॉलिंटियर डायबिटीज, हाइपरटेंशन, हृदय व गुर्दा-लिवर आदि रोगों की गिरफ्त में तो नहीं हैं। प्रखर अस्पताल के सीनियर फिजिशियन डॉ. जेएस कुशवाहा ने बताया कि स्क्रीनिंग के बाद सैंपल भेज दिए गए हैं। वैक्सीन का डोज देने के बाद साइड इफैक्ट देखने के लिए वॉलिंटियर को दो-तीन घंटे अस्पताल में ही रखा जाएगा।