कानपुर। स्वरूपनगर स्थित संवासिनी गृह की कोरोना संक्रमित 17 साल की दो संवासिनियां गर्भवती हैं। एक आठ महीने और दूसरे साढ़े आठ महीने की गर्भवती है। शुक्रवार को कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आने के बाद उन्हें शनिवार को रामा मेडिकल कालेज मंधना भेजा गया था, लेकिन गर्भावस्था के कारण उन्हें जच्चा-बच्चा रेफर कर दिया गया। यहां पर जांच में एक संवासिनी एचआईवी संक्रमित पाई गई है और दूसरी को हेपेटाइटिस सी का संक्रमण है। दोनों संवासिनी गृह कब आईं और कब से गर्भवती हैं, इस संबंध में अफसरों को कोई जानकारी नहीं है।
संवासिनियों के कोरोना के साथ एचआईवी और हेपेटाइटिस सी का संक्रमण होने की वजह से खतरा बढ़ गया है। इससे उनकी विशेष व्यवस्था की जा रही है। डॉक्टरों ने चेकअप के बाद पाया कि प्रसव के लक्षण अभी नहीं आए हैं। इससे उनका कोविड का इलाज शुरू कर दिया गया। संक्रमित संवासिनियों के गर्भवती होने और उनमें दूसरा खतरनाक संक्रमण पाए जाने से स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप की स्थिति है। संवासिनियों का और ब्योरा नहीं मिल पा रहा है। जिला प्रोबेशन अधिकारी अजीत कुमार का कहना है कि 57 कोरोना संक्रमित मिलने के बाद संवासिनी और राजकीय बालिका गृह को सील कर दिया गया है। अधीक्षिका समेत अन्य संवासिनियों को पनकी स्थित केडीए के फ्लैटों में क्वारंटीन किया गया है। सारे दस्तावेज संवासिनी गृह में ही हैं। दस्तावेज देखने के बाद ही संवासिनियों के यहां आने और उनके गर्भवती होने के संबंध में जानकारी मिल सकेगी। सीएमओ डॉ. अशोक शुक्ला ने संवासिनियों के गर्भवती होने की जानकारी से इनकार किया है।
गर्भवती की हालत बिगड़ी
मीरपुर कैंट की रहने वाली 34 साल की कोरोना पॉजिटिव गर्भवती की हालत बिगड़ गई। उसे दोपहर में मेडिकल कालेज के जच्चा-बच्चा अस्पताल लाया गया। सांस में अधिक तकलीफ होने की वजह से उसे जच्चा-बच्चा से न्यूरो साइंसेज कोविड अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसके अलावा एक और गर्भवती के पॉजिटिव आने के बाद जच्चा-बच्चा भेजा गया है। जच्चा-बच्चा अस्पताल में इस वक्त नौ कोरोना पॉजिटिव महिलाएं भर्ती हैं। इनमें कुछ को प्रसव हो गया है और कुछ गर्भावस्था में हैं।