कानपुर में कोविड स्टेटस पाए निजी अस्पतालों की संख्या बढ़ने के बाद भी संक्रमित मरीजों को राहत नहीं मिल पा रही है। दरअसल किसी संक्रमित का ऑक्सीजन लेवल 85 फीसदी से नीचे है तो उसे कोविड स्टेटस पाए किसी भी निजी अस्पताल वाले भर्ती नहीं करेंगे। क्योंकि यह स्थिति संक्रमण के लेवल थ्री पर पहुंचने की होती है और निजी अस्पतालों को लेवल टू का ही दर्जा मिला है।
लेवल थ्री के मरीजों का इलाज फिलहाल हैलट के न्यूरो साइंसेज कोविड अस्पताल में ही हो रहा है। बता देें ऑक्सीजन लेवल 95 प्रतिशत के ऊपर सामान्य माना जाता है। किदवईनगर की रहनी वाली ज्योत्सना (56) का ऑक्सीजन सेच्युरेशन लेवल 50 और 79 फीसदी के बीच था। उनके बच्चे पहले उन्हें लेकर केपीएम गए।
जांच के बाद बताया गया कि किसी अस्पताल में वेंटिलेटर पर भर्ती कराएं। वे उन्हें लेकर काकादेव पहुंचे। यहां आक्सीजन सेच्युरेशन लेवल देखकर लौटा दिया। इसके बाद न्यू लीलामणी हॉस्पिटल गए, वहां से हैलट रेफर कर दिया गया। यहां भी बेड न मिलने पर परिजन रोगी को लेकर चले गए। रोगी के परिजनों को निजी अस्पतालों ने बताया कि यह लेवल टू का अस्पताल है।