आईसीएमआर ने नई कोविड गाइडलाइन जारी की है। यह गाइडलाइन एम्स, आईसीएमआर, नेशनल टास्क फोर्स और ज्वाइंट मॉनीटरिंग ग्रुप अंडर हेल्थ मिनिस्ट्री (डीजीएचएस) की ओर से जारी की गई है।
कानपुर में नई कोविड गाइडलाइन में बताया गया कि रोगी का ऑक्सीजन सेच्युरेशन लेवल जब 90 से 93 प्रतिशत के बीच आ जाए तो उसे भर्ती किया जा सकता है। सांस की नली के ऊपरी हिस्से में संक्रमण हो, साथ ही बुखार रहे लेकिन सांस न फूले तो रोगी को होम आइसोलेशन में ही रखा जाए।
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वैसे 90 से 93 प्रतिशत ऑक्सीजन सेच्युरेशन वाले रोगी को संयत की श्रेणी में रखा जाएगा, लेकिन उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट दिए जाने की संस्तुति की गई है। यह गाइडलाइन एम्स, आईसीएमआर, नेशनल टास्क फोर्स और ज्वाइंट मॉनीटरिंग ग्रुप अंडर हेल्थ मिनिस्ट्री (डीजीएचएस) की ओर से जारी की गई है।
जीएसवीएम मेडिकल कालेज के माइक्रोबायोलॉजी के प्रोफेसर डॉ. विकास मिश्रा ने बताया कि रेमडेसिविर तथा अन्य दवाओं के इस्तेमाल के संबंध में भी बताया गया है। खास स्थिति पर ही दवाओं का इस्तेमाल किया जा सकता है।
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स्टेरॉयड सोच समझकर देने के लिए कहा गया है। इससे ब्लैक फंगस का संक्रमण होने का डर रहता है। इसके साथ ही हृदय रोगी, हाइपरटेंशन, टीबी, फेफड़ों, गुर्दे, लिवर और कैंसर रोगियों को हाई रिस्क में रखा गया है।