मध्यांचल विद्युत वितरण निगम (एमवीवीएनएल) में फर्जी बैंक गारंटी से 283 करोड़ रुपये का ठेका हथियाने की कोशिश का मामला उजागर हुआ है। नागपुर के एक नेता के करीबी ठेकेदार ने आईडीबीआई बैंक के जाली दस्तावेज तैयार करके अफसरों को सौंप दिए। कंपनी को 10 साल के लिए ब्लैकलिस्ट करने के साथ ही उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया है।
मध्यांचल निगम के अधीक्षण अभियंता (मुख्यालय) एके तिवारी के मुताबिक नागपुर की कंपनी ‘पाटले कांट्रेक्टर’ ने 21 बिजली उपकेंद्रों पर संविदा कर्मियों की सप्लाई के ठेके के लिए टेंडर डाला था। उसने टेंडर के साथ 2.83 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी के रूप में जो दस्तावेज सौंपे, उनके जाली होने का अंदेशा हुआ।
जांच में दस्तावेजों के जाली होने की पुष्टि होने पर मध्यांचल निगम ने कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी कर सात दिन में जवाब तलब किया था। तय अवधि के बाद भी जवाब नहीं मिलने पर अधीक्षण अभियंता (मुख्यालय) एके तिवारी ने 30 अप्रैल को कंपनी के खिलाफ हजरतगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।