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एमवीवीएनएल में फर्जी बैंक गारंटी से 283 करोड़ का ठेका हथियाने की कोशिश उजागर

Thu, 02 May 2019 12:40 AM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
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मध्यांचल विद्युत वितरण निगम
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मध्यांचल विद्युत वितरण निगम (एमवीवीएनएल) में फर्जी बैंक गारंटी से 283 करोड़ रुपये का ठेका हथियाने की कोशिश का मामला उजागर हुआ है। नागपुर के एक नेता के करीबी ठेकेदार ने आईडीबीआई बैंक के जाली दस्तावेज तैयार करके अफसरों को सौंप दिए। कंपनी को 10 साल के लिए ब्लैकलिस्ट करने के साथ ही उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। 
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मध्यांचल निगम के अधीक्षण अभियंता (मुख्यालय) एके तिवारी के मुताबिक नागपुर की कंपनी ‘पाटले कांट्रेक्टर’ ने 21 बिजली उपकेंद्रों पर संविदा कर्मियों की सप्लाई के ठेके के लिए टेंडर डाला था। उसने टेंडर के साथ 2.83 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी के रूप में जो दस्तावेज सौंपे, उनके जाली होने का अंदेशा हुआ। 

जांच में दस्तावेजों के जाली होने की पुष्टि होने पर मध्यांचल निगम ने कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी कर सात दिन में जवाब तलब किया था। तय अवधि के बाद भी जवाब नहीं मिलने पर अधीक्षण अभियंता (मुख्यालय) एके तिवारी ने 30 अप्रैल को कंपनी के खिलाफ हजरतगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। 
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नागपुर की कंपनी, पश्चिम बंगाल की बैंक गारंटी 

टेंडर की जांच करने वाले अधिकारी के मुताबिक नागपुर की कंपनी ने जब पश्चिम बंगाल के नादिया जिला स्थित आईडीबीआई बैंक की शाखा के दस्तावेज सौंपे तो मामला संदिग्ध लगा। बैंक के शाखा प्रबंधक रोकम गोपी से संपर्क किया गया तो पता चला कि वहां से बैंक गारंटी जारी नहीं की गई। इससे कंपनी के फर्जीवाड़े की पोल खुल गई।
 
10 साल के लिए ब्लैक लिस्ट
मध्यांचल निगम ने इस फजीवाड़े के बाद नागपुर की कंपनी पाटले कांट्रेक्टर को 10 साल के लिए ब्लैक लिस्ट कर दिया है। विद्युत वितरण निगम पूर्वांचल (वाराणसी), पश्चिमांचल (मेरठ), दक्षिणांचल (आगरा), केस्को (कानपुर) एवं यूपी ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन (ट्रांस्को) को भी इसकी जानकारी दे दी गई है। कंपनी ने पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम वाराणसी में भी ठेका लेने के लिए टेंडर डाला है। 
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