कानपुर। नगर निगम में टेंडर घोटाला सामने आने के बाद लगातार सख्ती की जा रही है। अब पांच करोड़ से कम लागत की निविदाओं में 15 प्रतिशत से अधिक निम्न दर पर टेंडर डालने वाले ठेकेदारों के पिछले कार्य की जांच होगी। अगर उनमें गड़बड़ी मिली तो टेंडर निरस्त किया जाएगा और संबंधित ठेकेदार दोबारा टेंडर नहीं डाल सकेगा। इसके लिए नगर आयुक्त ने हर जोन के लिए समिति का गठन किया है।
कार्यवाहक मुख्य अभियंता आलोक श्रीवास्तव की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि जोनल अभियंता 15 प्रतिशत से अधिक निम्न दर पर प्राप्त होने वाली निविदाओं में ठेकेदार के सबसे अधिक कम दर पर गठित अनुबंध के कार्य की जांच एक सप्ताह में करते हुए अपनी आख्या देंगे। नगर निगम के कार्यों की तकनीकी जांच के लिए भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसमें अवर अभियंताओं को जिम्मेदारी दी गई है।