सचेंडी में कथित भाजपा नेता अमितेश शुक्ला ने गुरुवार को पिस्टल के साथ वीडियो वायरल होने के बाद खुद को बचाने और राजनीतिक लाभ के लिए रंजिशन तीन लोगों को फंसाने के लिए साजिश रची थी। पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की ताकि उसे गनर मिल सके। पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की तो सारा खेल सामने आ गया। शनिवार को पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
भौंती निवासी अमितेश शुक्ला खुद को भाजपा जिला मंत्री और युवा मोर्चा कानपुर ग्रामीण का कार्यालय प्रभारी बता रहे हैं। उन्होंने गुरुवार को थाने में तहरीर देकर तीन इलाकाई लोगों समेत कई अन्य पर लोहे का बोल्डर मारकर घायल करने का आरोप लगाया। फायरिंग की बात भी कही थी। पुलिस ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया और जांच शुरू की। तभी अमितेश का भी एक वीडियो वायरल हो गया जिसमें वह खुद एक युवक के पेट में पिस्टल अड़ाकर उसे धमकाते नजर आया।
हालांकि, अमितेश ने गुरुवार को सफाई देते हुए पिस्टल को बच्चों की खिलौना बताया लेकिन पुलिस की जांच में न सिर्फ पिस्टल असली निकली बल्कि मारपीट के आरोप भी फर्जी पाए गए। अमितेश बिनौर से जिला पंचायत सदस्य पद के लिए तैयारी कर रहा था। यही वजह है कि उसने बीते दिनों गनर की मांग की थी लेकिन तमाम प्रयासों के बाद भी गनर नहीं मिल रहा था। इसके चलते पूरी कहानी रची।