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Exclusive: नजूल की जमीन पर फिर कब्जे की साजिश, जिला प्रशासन ने तुड़वाया ताला, देर रात प्रशासन ने लिया कब्जा

Sat, 01 Feb 2025 10:26 AM IST
हिमांशु अवस्थी वाचस्पति पांडेय, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: मामला संज्ञान में आने के बाद पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार ने इसकी जानकारी जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह को दी। जिलाधिकारी के निर्देश पर गुरुवार देर शाम एसडीएम सदर ऋतु प्रिया और तहसीलदार रितेश कुमार मौके पहुंचे। वहां पर कब्जेदार नहीं मिले। वहां दीवार पर कब्जेदारों के नाम की पर्ची चस्पा की थी। प्रशासन ने ताला तोड़कर अपना ताला डाल दिया।
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सिविल लाइंस नजूल की जमीन जहां कब्जे का प्रयास हुआ था - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर में सिविल लाइंस स्थित एक हजार करोड़ रुपये की नजूल की जमीन पर अब पुलिस के एक पक्षकार ने ताला डालकर कब्जा करने का प्रयास किया। इसका खुलासा तब हुआ, जब डीसीपी सेंट्रल के कार्यालय के लिए संपदा विभाग की टीम जमीन की नापजोख करने पहुंची। वहां मौजूद पक्षकार के बेटे ने हाईकोर्ट का स्टे बता पुलिस टीम को लौटा दिया।  मामला संज्ञान में आने के बाद पुलिस कमिश्नर ने इसकी जानकारी जिलाधिकारी को दी।

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देर शाम जिलाधिकारी के निर्देश पर एसडीएम सदर और तहसीलदार की संयुक्त टीम ने ताला तुड़वा दिया। इसी जमीन पर कब्जाने के प्रयास में अवनीश दीक्षित समेत 12 लोगों को जेल भेजा गया, जबकि 16 पर गैंगस्टर की कार्रवाई की गई। सिविल लाइंस में हडर्ड स्कूल के सामने खाली पड़े करीब 28 हजार वर्ग मीटर के भूखंड पर कब्जेदारी को लेकर पिछले साल 29 जुलाई को हंगामा हुआ था। उस भूखंड पर सैमुअल गुरुदेव, हरेंद्र मसीह और इमेनुअल सिंह पक्षकार थे।

अवनीश दीक्षित समेत 13 नामजद व 20 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज थी
आरोप था कि हरेंद्र मसीह पक्ष के अवनीश दीक्षित ने अपने एक दर्जन से अधिक साथियों के साथ मिलकर मुख्यगेट पर तैनात गार्ड को बंधक बनाने के बाद जमीन पर कब्जे की कोशिश की। लेखपाल विपिन कुमार ने नजूल की जमीन पर कब्जेदारी का आरोप लगाते हुए अवनीश दीक्षित समेत 13 नामजद व 20 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसी मामले में सैमुअल गुरुदेव की ओर से भी 12 लोगों को नामजद करते हुए गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।

एफआईआर को आधार बनाते हुए हाईकोर्ट पहुंच गया
पुलिस ने मामले में अवनीश दीक्षित, हरेंद्र मसीह, जीतेश झां, अली अब्बास, राहुल वर्मा, कमला एरियल, नौरिस एरियल, अर्पण एरियल, अभिषेक एरियल, संदीप शुक्ला, विक्की चार्ल्स व विवेक पांडेय को जेल भेज दिया था। वर्तमान में जीतेंद्र शुक्ला व मोहित जमानत पर बाहर हैं। वहीं, अवनीश दीक्षित समेत 16 के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई करते हुए कुर्की के लिए संपत्तियां चिह्नित भी करनी शुरू कर दी गई हैं। इस बीच सैमुअल गुरुदेव सिंह, पुलिस और जिला प्रशासन की लचर कार्यशैली का फायदा उठा एफआईआर को आधार बनाते हुए हाईकोर्ट पहुंच गया।

कब्जेदारों के नाम की पर्ची चस्पा की थी
उसने नजूल की संपत्ति पर अपना दावा करते हुए याचिका दायर कर दी। इसके बाद वहां एडवोकेट गोविंद प्रताप सिंह की पर्ची लगाकर ताला डाल दिया। यह याचिका 24 जनवरी को दाखिल की गई थी। मामला संज्ञान में आने के बाद पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार ने इसकी जानकारी जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह को दी। जिलाधिकारी के निर्देश पर गुरुवार देर शाम एसडीएम सदर ऋतु प्रिया और तहसीलदार रितेश कुमार मौके पहुंचे। वहां पर कब्जेदार नहीं मिले। वहां दीवार पर कब्जेदारों के नाम की पर्ची चस्पा की थी। प्रशासन ने ताला तोड़कर अपना ताला डाल दिया।

जानिए कैसे क्या हुआ

डीसीपी सेंट्रल के कार्यालय के लिए नापजोख करने पहुंची थी टीम
डीसीपी सेंट्रल के कार्यालय के लिए पुलिस विभाग को भूखंड की जरूरत है। ऐसे में उच्चाधिकारियों ने नजूल के भूखंड के एक हिस्से में स्थित मैरी एंड मैरी स्कूल में कार्यालय बनवाने का निर्णय लिया था। गुरुवार को संपदा सेल के देवेंद्र समेत अन्य संबंधित विभाग की टीम नजूल की संपत्ति पर नापजाेख करने पहुंची।

हाईकोर्ट का स्टे बता टीम को लौटाया
वहां मौजूद सैमुअल गुरुदेव सिंह के बेटे ने उक्त संपत्ति पर अपना दावा ठोंकते हुए नापजोख करने से रोक दिया। विभाग की टीम ने कारण पूछा तो उसने बताया कि जमीन पर हाईकोर्ट से स्टे है। इस पर विभाग की टीम लौट गई और सूचना डीसीपी मुख्यालय को दी। इसके बाद जिला प्रशासन सतर्क हुआ।

समय से जानकारी न होती तो हो सकता था कब्जा
पुलिस समय से पहुंच गई तो मामला संज्ञान में आ गया। पुलिस और जिला प्रशासन के सक्रिय होने से कब्जा नहीं हो पाया। यदि अभी वह नहीं जाती तो सैमुअल हाईकोर्ट से याचिका के बाद स्टे ले आता। इसके बाद उसका कब्जा हो जाता।

सैमुअल के पास कोई स्टे नहीं है। सैमुअल का परिवार अगर नजूल की संपत्ति पर काबिज है, तो उसे बाहर निकाला जाएगा। इसके साथ ही इस संबंध में जिलाधिकारी को सूचना दे दी है।  -अखिल कुमार, पुलिस कमिश्नर
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सैमुअल पहले से वहां रह रहा था, जिस वजह से वह हाईकोर्ट चला गया था। वहां से सैमुअल रिट लेकर आया था, जो अब पूरी तरह से समाप्त हो गई है। वहां पर किसी का कब्जा नहीं है। प्रशासन के कब्जे में पूरी जमीन है।  -ऋतु प्रिया, एसडीएम सदर
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