संदीप शुक्ला ने आरोप लगाया कि महाना ने रामभक्तों की आस्था और श्रद्धा का अपमान कर अपने पद की गरिमा और मर्यादा के विपरीत आचरण किया है। रामादेवी चौराहे पर दो दिन पहले कांग्रेसियों पर हमला कराने का भी आरोप लगाया। वरिष्ठ कांग्रेस नेता मदन मोहन शुक्ला ने कहा कि पुलिस प्रशासन को किसी भी राजनीतिक दबाव में काम नहीं करना चाहिए।
कांग्रेस नेताओं ने पूर्व में विरोध प्रदर्शन की घोषणा के बाद पुलिस की तरफ से जिलाध्यक्ष को नजरबंद करने और कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई पर रोष जताया। ज्ञापन देने वालों में पार्षद नूरेन टारजन, अमित पांडेय, इखलाक अहमद डेविड, सतीश दीक्षित, धवल पांडेय, आनंद वर्मा, चंद्रमणि बाजपेई, तन्मय राय, उमेश दीक्षित, नीरज शर्मा, विजय निषाद, देवी प्रसाद निषाद, ममता तिवारी, विमला पासवान, विजय त्रिवेदी, मोहम्मद तुफैल, नरेंद्र चंचल कुशवाहा आदि शामिल रहे।
सीपी को दिया ज्ञापन, जांच की मांग
कानपुर। महानगर कांग्रेस अध्यक्ष पवन गुप्ता के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस कमिश्नर को शिकायती पत्र दिया। रामादेवी में कांग्रेसियों के प्रदर्शन के दौरान मारपीट और सार्वजनिक अपमान करने का आरोप लगाया। प्रतिनिधिमंडल ने सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की।
महानगर अध्यक्ष ने दावा किया कि पुलिस कमिश्नर ने जांच के लिए एक आईपीएस अधिकारी नामित करने का आश्वासन दिया है। प्रतिनिधिमंडल में अनुग्रह प्रताप सिंह, आफताब हसन, देशबंधु तिवारी, मोहित जायसवाल, राहुल सचान, प्रतीक शर्मा, राधेश्याम कश्यप, कमल वाल्मीकि शामिल रहे।