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UP: सतीश महाना के बयान पर घमासान, कानपुर में कांग्रेसी नेता संदीप शुक्ला हाउस अरेस्ट; सोशल मीडिया पर भड़के

Fri, 17 Jul 2026 01:20 PM IST
प्रसून शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला,कानपुर

सार

Kanpur News: सतीश महाना के राम मंदिर संबंधी बयान के विरोध में शुक्रवार को फूलबाग में प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले कांग्रेस नेता संदीप शुक्ला को पुलिस ने हाउस अरेस्ट कर लिया। इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर सरकार और विधानसभा अध्यक्ष पर निशाना साधा।
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कांग्रेसी नेता संदीप शुक्ला हाउस अरेस्ट - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर जिले में शुक्रवार को उस समय सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया, जब यूपी विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के राम मंदिर को लेकर दिए गए एक हालिया बयान के विरोध में कांग्रेस ने बड़ा मोर्चा खोलने का ऐलान किया। पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत कांग्रेसी नेता संदीप शुक्ला फूलबाग गांधी प्रतिमा पर एक बड़ा विरोध प्रदर्शन करने वाले थे।

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हालांकि, इस बड़े प्रदर्शन से ठीक पहले ही पुलिस और प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए एक बड़ा कदम उठाया। पुलिस ने कांग्रेसी नेता संदीप शुक्ला को प्रदर्शन स्थल पर पहुंचने से पहले ही उनके आवास पर हाउस अरेस्ट कर दिया। इस प्रशासनिक कार्रवाई के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।

हाउस अरेस्ट के बाद संदीप शुक्ला का पलटवार

अपने ही घर में नजरबंद किए जाने के बाद कांग्रेसी नेता संदीप शुक्ला ने सीधे तौर पर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना और पुलिस प्रशासन को आड़े हाथों लिया। उन्होंने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से एक बेहद आक्रामक और तीखा पोस्ट साझा किया, जो देखते ही देखते शहर के राजनीतिक गलियारों में वायरल हो गया।

संदीप शुक्ला ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा: "क्या महाना डर गए क्या? मुझे हाउस अरेस्ट करवाकर अपने पापों को नहीं छिपा पाओगे। कांग्रेस के बब्बर शेर तुम्हारे भ्रष्टाचार को उजागर करके रहेंगे। भगवान श्रीराम के भक्तों की आस्था को गाली देना भारी पड़ेगा...। इस पोस्ट के सामने आते ही सोशल मीडिया पर भी सत्तापक्ष और विपक्ष के समर्थकों के बीच जुबानी जंग छिड़ गई है। कांग्रेसी नेताओं का आरोप है कि सरकार विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए पुलिसिया तंत्र का दुरुपयोग कर रही है।

एलआईयू भी अलर्ट पर

संदीप शुक्ला के प्रदर्शन के आह्वान को देखते हुए शुक्रवार सुबह से ही फूलबाग मैदान और उसके आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। पुलिस के आला अधिकारियों को इनपुट मिला था कि विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ होने वाले इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता जुट सकते हैं, जिससे कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है या ट्रैफिक जाम लग सकता है।

एहतियात के तौर पर पुलिस ने सुबह ही संदीप शुक्ला के घर की घेराबंदी कर ली और उन्हें बाहर निकलने से रोक दिया। खुफिया विभाग की टीमें भी शहर के अन्य प्रमुख कांग्रेसी नेताओं की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं।

बयान को लेकर क्यों मचा है बवाल?

दरअसल, यह पूरा विवाद उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के अयोध्या राम मंदिर के संदर्भ में दिए गए एक कथित बयान के बाद शुरू हुआ है। कांग्रेस का आरोप है कि महाना के बयान से करोड़ों रामभक्तों की आस्था को ठेस पहुंची है और उन्होंने भगवान राम के अनुयायियों का अपमान किया है।

कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर लगातार आक्रामक रुख अपनाए हुए है और कानपुर को इसका केंद्र बनाकर सतीश महाना के खिलाफ आंदोलन खड़ा करने की तैयारी में है। वहीं, दूसरी तरफ भाजपा और सत्तापक्ष के नेताओं का कहना है कि विधानसभा अध्यक्ष के बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है और कांग्रेस इस संवेदनशील मुद्दे पर केवल अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन तलाशने के लिए ड्रामा कर रही है।

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पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह एक सामान्य एहतियाती कदम था। फिलहाल संदीप शुक्ला के आवास के बाहर पुलिस का पहरा है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में बनी हुई है।
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