आगामी विधानसभा चुनाव में विरोधी दलों से लड़ने के बजाय बसपा पदाधिकारी आपस में ही उलझ गए हैं। कानपुर देहात की भोगनीपुर विधानसभा सीट से प्रत्याशी उतारने को लेकर रार इतनी बढ़ गई कि बसपा अध्यक्ष मायावती ने देहात इकाई के जिलाध्यक्ष आनंद कुरील से उनका पद छीन लिया।
इसके अलावा तीन पदाधिकारियों को पार्टी से निष्कासित कर दिया। पार्टी से निकाले गए नेताओं में कई मंडलों के मुख्य सेक्टर प्रभारी रहे जितेंद्र संखवार, अमरौधा नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन व भोगनीपुर विधानसभा सीट से प्रत्याशी रहे जुनैद पहलवान और रसूलाबाद क्षेत्र के कार्यकर्ता जगजीत संखवार शामिल हैं।
पिछले कई दिनों से पार्टी के अंदर चल रही गुटबाजी को देखते हुए बसपा प्रमुख ने यह कार्रवाई की। दरअसल, भोगनीपुर सीट पर जितेंद्र संखवार गुट मुस्लिम नेता जुनैद को प्रत्याशी बनाना चाहता था, जबकि वर्तमान मुख्य सेक्टर प्रभारी भीमराव अंबेडकर गुट घाटमपुर के ब्लॉक प्रमुख इंद्रजीत सिंह के भाई को टिकट दिलाना चाहता था।