अग्निकांड के बाद मददगार बनकर आए कई लोगों ने दुकानों से माल लूट लिया। पुलिस ने भी उन्हें मददगार व दुकानदार समझा और कुछ कहा नहीं लेकिन जब पुलिस को पता चला तो उन्हें खदेड़ा गया। ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर आनंद प्रकाश तिवारी ने बताया कि अगर ऐसा हुआ है तो गंभीर है। सीसीटीवी कैमरों से ऐसे लोगों को चिन्हित करके दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पांचों व्यावसायिक कॉम्प्लेक्सों में नहीं था आग बुझाने का कोई इंतजाम
अग्निकांड में प्रभावित पांचों व्यावसायिक कॉम्प्लेक्सों में आग बुझाने का कोई इंतजाम नहीं था। जांच के दौरान यहां किसी भी प्रकार का हाइड्रेंट या आग बुझाने के कोई उपकरण नहीं मिले। अग्निशमन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक आग इसीलिए एक के बाद एक इमारत तक पहुंची, क्योंकि दमकल गाड़ियों को समय से पानी नहीं मिल सका। पुलिस कमिश्नर बीपी जोगदंड ने बताया कि फायर गाड़ियों को पानी के इंतजाम के लिए जेड स्क्वायर, साउथ एक्स मॉल और फजलगंज स्थित आरएसपीएल से पानी लेने के लिए जाना पड़ा। दूर से पानी का इंतजाम होने की वजह से ही तेज हवाओं ने आग को और बढ़ा दिया और हालात इतने खराब हुए। टॉवरों के एक ओर चौड़ी सड़क है, वहीं पीछे एक पतली सी गली है। अगर सेटबैक होता तो आग बुझाने में ज्यादा मदद मिल सकती थी।