पीड़िता ने कहा कि मैं उनका काफी सम्मान करती थी, उन्होंने कभी मुझसे तुम कहकर बात नहीं की। हमने ढेरों प्रोजेक्ट्स पर साथ काम किया। मेरे दोस्तों को मेरे रिश्ते के बारे में पता था, जिनको नहीं पता था, उनको हमारी बॉडी लैंग्वेज देखकर समझ में आ जाता था। हम अक्सर लाॅंग ड्राइव पर जाते थे। उनकी सुबह गुड मार्निंग माई लव के मैसेज और रात गुड नाइट के मैसेज के साथ होती। अपनी रिलेशनशिप के दौरान एक बार भी यह ख्याल नहीं आया कि मोहसिन मुझे धोखा दे रहे हैं। शुरुआत से ही उन्होंने मुझसे कहा था कि मेरे पत्नी के साथ रिश्ते खराब हैं, वह मेरा उत्पीड़न करती है। जल्द ही उसे तलाक देकर नई जिंदगी की शुरुआत करेंगे। मैं उनकी बातों में आती ही गई।
11 नवंबर की रात ने ला दिया भूचाल
पीड़िता ने बताया कि 11 नवंबर की रात को मेरे दोस्त ने मोहसिन को अपनी पत्नी के साथ घूमते हुए देखा। जब उसने बताया तो मेरे पैरों तले जमीन निकल गई। मैं उस रात सोई नहीं। इससे पहले उनके पत्नी के प्रेगनेंट होने की खबर पता चली थी, तब उन्होंने मुझे मैन्यूप्लेट कर लिया था। यह हर बार का हो गया था। मेरे गिफ्ट किए कपड़े पहनकर अपनी पत्नी के साथ केरल घूमने जाता तो कभी दिल्ली के फाइव स्टार होटल में रुकता। 14 नवंबर को मैंने उससे पूछा तब उन्होंने अपने पत्नी के साथ रिश्ते का सच बता दिया।
हर बार बोला कि सबके सामने माफी मांग लो, माफ कर दूंगी...
इतना सब कुछ होने के बाद भी मैंने हर बार बोला कि सभी के सामने माफी मांग लो और सच कुबूल कर लो। मेरे संस्थान के सामने और मेरे दोस्तों के सामने जो गलत किया है उसे मान लो, लेकिन वह नहीं माना। उलटा मुझे ही पागल करार कर दिया।
एफआईआर की बात पर रोया था मोहसिन
मैंने उसे बताया था कि मैं आपके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने जा रही हूं। यह सुनकर वह मुझसे मिलने आया था, लेकिन मैंने दरवाजा नहीं खोला। अगर दरवाजा खोल देती तो उस दिन भी वह मुझे मैन्युप्लेट कर लेता। वह रोता रहा, लेकिन मैंने मन पक्का कर लिया था।
परिवार, संस्थान मेरे साथ
मैं अपने परिवार का भरण पोषण करती हूं। अपना घर बनवा रही हूं, मुस्लिम से शादी करने में कोई परेशानी न होती। मेरे आईआईटी संस्थान ने मुझे अपनी बेटी मानकर मेरा पूरा सहयोग किया और अभी भी कर रहा है।
जितनी गलती की है उतनी सजा, उससे ज्यादा भी न मिले
पीड़िता ने कहा कि जितनी गलती मोहसिन ने की है, उसे उतनी ही सजा मिले। उससे ज्यादा भी न मिले। कोर्ट पर पूरा भरोसा है। उनका जो भी फैसला होगा वह मंजूर होगा। बस एक बार लाइ डिटेक्टर टेस्ट कराना चाहती हूं ताकि पता चले कि जितने समय साथ थे, उस दौरान उन्होंने क्या वाकई मुझसे झूठ बोला है।
पीएचडी में लिखाया आईपीएस, हैं पीपीएस
पीड़िता ने कहा कि पीएचडी में फार्म भरने के दौरान उन्होंने खुद को आईपीएस शो किया, लेकिन अब पता चल रहा है कि वह पीपीएस अधिकारी है। यहां पर भी उन्होंने झूठ बोला। मोहसिन मुझे अच्छे से जानता है कि न कभी मैं झूठ बोलती और न ही किसी से डरती। उनके आने से पहले मैं कई पुलिस ऑफिसर के साथ काम भी कर रही थी। फिर उन्होंने इतना बड़ा गेम खेला।