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Kanpur News: राज्य कर के पूर्व अपर आयुक्त केशवलाल की खत्म हो चुकी है पेंशन

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आय से अधिक संपत्ति के मामले में वर्ष 2017 में दी गई थी अनिवार्य सेवानिवृत्ति
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माई सिटी रिपोर्टर



कानपुर। राज्य कर विभाग के पूर्व अपर आयुक्त केशवलाल को आय से अधिक संपत्ति के मामले में दोषी पाया गया था। उनकी अनिवार्य सेवानिवृत्ति के आदेश को बरकरार रखते हुए पिछले साल जुलाई में 100 फीसदी पेंशन कटौती का आदेश दिया गया था। वर्ष 2017 में केशवलाल को जबरन रिटायर कर दिया गया था। इस आदेश के साथ ही शासन ने जांच जारी रखी थी।



वाणिज्य कर विभाग (आज का राज्य कर विभाग) के अपर आयुक्त ग्रेड-1 एसआईबी केशव लाल कानपुर में तैनात थे। 9 नवंबर 2016 को नोटबंदी के बाद दिसंबर में दो हजार के नई करेंसी जारी हुई थी। मार्च में उनके नोएडा स्थित आवास से दो हजार की नई करेंसी के करीब 10.50 करोड़ रुपये और 27 लाख की ज्वैलरी बरामद हुई थी। जांच में दोषी मिलने पर 16 नवंबर 2017 को उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी गई थी।
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कर चोरी में लिप्त कानपुर की पान मसाला फर्मों से मिलीभगत में फंसे थे

केशवलाल पर कर चोरी में लिप्त पान मसाला फर्मों से मिलीभगत का आरोप था। सचल दल में तैनात तत्कालीन सहायक आयुक्त सुनील प्रकाश ने टीपीनगर के पवन कैरिंग काॅरपोरेशन और विन्ध्यवासिनी टोबैको प्राइवेट लिमिटेड के जरिये 160 बोरा मधु ब्रांड पान मसाला और जर्दा सीज किया था। आरोप था कि केशवलाल ने बिना जानकारी के वाहन और पान मसाला सीज करने पर नाराजगी जताई थी। टैक्स चोरी का प्रमाण जुटाने के लिए तत्कालीन ज्वाइंट कमिश्नर ने फर्म की टीपीनगर स्थित गोदाम की जांच कराई जहां 3.72 करोड़ माल पकड़ा गया। ये भी पाया कि पवन कैरिंग और मां विन्ध्यवासिनी टोबैको ने एक ही ई-वे बिल से तीन बार माल का परिवहन किया। आरोप था कि केशवलाल ने इस कार्रवाई पर अधिकारियों को धमकाया था। ऐसे कई मामलों की जांच के बाद अनिवार्य सेवानिवृत्ति के आदेश बरकार रखते हुए 100 फीसदी पेंशन कटौती के आदेश दिए गए थे।
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