कानपुर के कोतवाली थाने में तैनात दरोगा नागेंद्र सिंह यादव को जबरन रिटायर कर दिया गया। उसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री आदित्यनाथ के खिलाफ सोशल मीडिया पर मोर्चा खोल रखा था। रिटायरमेंट के साथ ही दरोगा को तीन माह का समय दिया गया है। इससे कि वह अपना वेतन और अन्य भत्तों के सेटलमेंट कर सके। वहीं दूसरी ओर दारोगा ने अपने खिलाफ की गई कार्रवाई को गलत बताते हुए कोर्ट जाने की बात कही है।
पुलिस की कार्यप्रणाली और आचरण दोनों पर ही शासन सख्त है। सरकार के गठन के बाद ही मुख्यमंत्री की तरफ से आदेश जारी हुआ था कि ऐसे पुलिस कर्मी जो अनुशासनहीनता की सारी हदें पार कर चुके हैं और उनकी उम्र 50 साल या उससे अधिक है, तो उनकी सूची तैयार कर अनिवार्य रूप से रिटायर कर दिया जाए। पूरे प्रदेश में ऐसे पुलिस कर्मियों की सूची बनना शुरू हुई। सूची तैयार होने के साथ ही उसपर कार्रवाई भी शुरू हो गई है।