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बाजार में दिखेगा आरबीआई का ‘सिक्का प्रबंधन’ 

Wed, 30 Aug 2017 01:25 PM IST
प्रदीप अवस्थी , अमर उजाला, कानपुर
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डेमो
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बाजार में सिक्कों की अधिकता की खबरें आने के बाद रिजर्व बैंक ने ‘सिक्का प्रबंधन’ पर जोर दिया है। बैंकों के लिए व्यवस्था तय की है कि प्रतिदिन प्रति खाताधारक से एक हजार रुपये के सिक्के जमा करेंगे। ऐसा न करने वाले बैंक प्रबंधकों के खिलाफ बैंकिं ग एक्ट के तहत कार्रवाई होगी। इसी तरह पब्लिक में फुटकर की समस्या को खत्म करने के लिए बैंक में ‘क्वाइन मेला’ भी लगाएंगे। रिजर्व बैंक का जोर इस बात पर है कि सिक्कों का चलन बना रहे। बैंकों में जमा भी हों और स्वीकार भी किए जाएं।   
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इस व्यवस्था को अमल में लाने के लिए रिजर्व बैंक अन्य बैंकों को अपने पुराने का सर्कुलर का हवाला देकर आगाह कर रहा है कि कोई भी बैंक सिक्कों को जमा करने से इनकार नहीं करेगा। इसके लिए रिजर्व बैंक  के चीफ जनरल मैनेजर पी. विजय कुमार की ओर से तीन जुलाई 2017 को भेजे मास्टर सर्कुलर का अध्ययन करने को कहा गया है। दरअसल रिजर्व बैंक की ओर से भेजे गए इस मास्टर सर्कुलर में क्वाइनेज एक्ट-2011 के सेक्शन (6) का जिक्र किया है। इसमें कहा गया है कि सिक्के लीगल टेंडर हैं और इन्हें स्वीकार करने से मना नहीं किया जा सकता। निर्धारित रकम के सिक्के लेने से न तो पब्लिक इनकार कर सकती है और न ही बैंक जमा करने से मना कर सकते हैं। हालांकि ये इतने न हों कि परेशानी का सबब बनें। इसलिए इनकी संख्या निर्धारित की गई है। इस सर्कुलर का सख्ती से पालन कराने के लिए रिजर्व बैंक ने बैंकों के रीजनल मैनेजर और जोनल मैनेजर को जिम्मेदारी सौंपी है। 

यह है व्यवस्था 
एक से 10 रुपये तक के सिक्के एक दिन में एक हजार रुपये तक जमा किए जा सकते हैं। 50 पैसे के सिक्के एक दिन में 10 रुपये तक जमा किए जा सकते हैं। यह व्यवस्था लेने वाले पर भी लागू होगी। 
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इसलिए पड़ी जरूरत 
नोटबंदी से पहले सिक्के सुविधानुसार लिए दिए जाते थे। नोटबंदी के बाद करेंसी की किल्लत हुई तो बैंकों से लोगों को सिक्के के थैले भी दिए जाने लगे। नतीजे में मार्केट में सिक्के अधिक हो गए। हालाता सामान्य हुए तो बैंक इन्हें पब्लिक से स्वीकार करने से मना करने लगे। इस पर रिजर्व बैंक ने यह व्यवस्था की है कि प्रतिदिन एक हजार रुपये तक सिक्के जमा किए जा सकेंगे। 

क्वाइन मेले मिलेंगे सिक्के
क्वाइन मेला का मतलब है कि बैंक में सिक्के की उपलब्धता सुनिश्चित करवाई जाएगी। बैंक आने वाले व्यक्ति को बताया जाएगा कि फुटकर न मिलने पर वे यहां से सिक्के ले सकते हैं। इसके लिए बैंक एक काउंटर अलग से बना सकते हैं।

इन कामों के लिए न आना पड़े आरबीआई 
रिजर्व बैंक के निर्देश हैं कि ग्राहकों को नए नोट पाने के लिए, कटे फटे नोट बदलवाने के लिए, सिक्के जमा करने की गुहार लगाने के रिजर्व बैंक न आना पड़े। यह सुनिश्चित करना बैंकों का काम है। ऐसा न कर पाने की स्थिति में ग्राहक यदि लिखित शिकायत देता है तो कार्रवाई संभव है। 

बाजार में सिक्कों का फ्लो बनाए रखने के लिए इस तरह का कदम उठाया गया है। बैंक में सिक्के स्वीकार भी करेंगे और पब्लिक को देंगे भी। जो व्यक्ति सिक्के जमा करना चाहे वो एक हजार रुपये तक खाते में जमा कर सकता है। राजेंद्र अवस्थी, महामंत्री, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ एसोसिएशन 
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-बैंक में रोज जमा कर सकेंगे एक हजार रुपये के सिक्के
- फुटकर की समस्या खत्म करने को लगाना होगा ‘क्वाइन मेला’
-तीन जुलाई 2017 को भेजे मास्टर सर्कुलर को लागू करवाने पर दिया जा रहा जोर 
 
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