कानपुर के चर्चित बिकरू कांड में एसटीएफ की जांच में पता चला है कि कांड के करीब पांच महीने के बाद दिसंबर 2020 को औरैया में एक शादी समरोह में विकास दुबे के असलहों से हर्ष फायरिंग हुई थी। मध्य प्रदेश में असलहों की खरीद फरोख्त कराने वाले संजय परिहार के फुफेरे भाई की शादी थी। औरैया पुलिस से एसटीएफ ने संपर्क किया है।
रूरा के एक गांव का प्रधान भी रडार पर
दहशतगर्दों को पनाह देने में कई और नाम सामने आ रहे हैं। इनमें रूरा के एक गांव का प्रधान भी है। एक अन्य भी है, जिसको पुलिस ने कांड के बाद पकड़ा था और एसओ विनय तिवारी ने उसको छुड़वा दिया था।
सीओ के नाम पर की थी उगाही
रिटायर्ड सीओ ब्रजन सिंह ने बयानों में बताया कि जब वो बिल्हौर में चार्ज पर थे तब विकास दुबे इलेक्ट्रॉनिक गैजेट और घड़ियों का कारोबार करता था। विकास ने तमाम लोगों से उनसे काम करवाने के नाम पर रकम ऐंठी थीं। उन्होंने सख्ती की तो विकास कानपुर देहात छोड़ चौबेपुर इलाके में धाक जमाने लगा।