कानपुर। निलंबन के दो दिन पहले सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर रक्षा की गुहार लगाई थी। इसमें सीएमओ ने खुद को अनुसूचित जाति का बताकर उत्पीड़न की बात कही। यह भी कहा कि डीएम उन्हें बार-बार मंदबुद्धि कहते रहे। डीएम ने उनसे यह भी कहा कि तुम पैसा कमाना नहीं जानते। तुम्हें किसी जनप्रतिनिधि की नहीं सुननी। मैं जो कहता हूं, वही करो। यह पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।
मुख्यमंत्री को भेजे पत्र की शुरुआत में डॉ. नेमी ने पहले एसीएमओ डॉ. सुबोध प्रकाश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि डॉ. यादव को एसीएमओ नर्सिंगहोम के पटल से हटाने पर डीएम स्थानांतरण निरस्त करने के लिए कहा। जब मैंने कहा कि डॉ. सुबोध एक विशेष पार्टी के लिए काम करते हैं। डीएम बोले कि तुम्हें सपा-भाजपा से क्या लेना देना। डॉ. नेमी ने आरोप लगाया कि डीएम ने जेएम फार्मा का भुगतान करने के लिए भी कहा। यह बताने पर कि इस संबंध में जांच कराई गई है। सामान अधोमानक, कम मात्रा में और बैच नंबर के विपरीत पाए गए हैं। फर्म सीबीआई से चार्जशीटेड है। इस पर डीएम ने जातिसूचक शब्द इस्तेमाल करते हुए कहा कि तुम मंदबुद्धि व्यक्ति हो। तुम्हें सिस्टम नहीं पता।
जेएम फार्मा नामक फर्म पीएचसी और हेल्थ वेलनेस सेंटर में इस्तेमाल होने वाले मेडिकल उपकरण, ग्लूकोमीटर, एचआईवी जांच किट आदि समेत लैब की जरूरी चीजों की आपूर्ति करती है। यह फर्म बहुत पहले से सामान आपूर्ति का कार्य कर रही है।
सीएमओ का आरोप
- फर्म को एक करोड़ 60 लाख 47 हजार का भुगतान करने के लिए कहा गया। जांच करने पर 30 लाख का सामान कम निकला। फर्म के भुगतान के लिए डीएम, फाइनेंस अधिकारी ने उन पर दबाव बनाया।
- फर्म का आपूर्ति अनुबंध 12 दिसंबर वर्ष 2024 में समाप्त हो गया। डॉ. सुबोध प्रकाश यादव ने 15 दिसंबर को छुट्टी के दिन बिना अनुमति इसका कार्य विस्तार किया।