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डाकुओं को लेकर ये क्या कह गए CM योगी के मंत्री, जानकर चौंक पड़ेंगे आप

Thu, 20 Apr 2017 09:40 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर

सार

- डाकू गोप्पा के कारनामों का मंत्री ने लिया संज्ञान
- बोले अफसर, जल्द ही ठिकाने लगा दिया जाएगा
- दस्यु खौफ से प्रभावित न हों क्षेत्र में विकास कार्य
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डेमो
उत्तर प्रदेश में डाकुओं को लेकर सीेएम योगी के एक मंत्री ने बेहद चौंकाने वाला बयान दिया है। उन्होंने यह बयान अमर उजाला में छपी खबर 'मुख्यमंत्री जी, डाकू गोप्पा तो आपको चिढ़ा रहा है’ के अगले दिन बाद दिया है। 
 
 
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डेमो
बुधवार को छपी इस खबर के बाद योगी के मंत्रीमंडल में ऐसी खलबली मची की इस पर भीतर चर्चा छिड़ गई। इसके बाद राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. महेंद्र सिंह ने संज्ञान लेते हुए एक बैठक बुलाई।   इस बैठक में पुलिस अधिकारियों से इस विषय पर चर्चा की। बेहद सख्त लहजे में उन्होंने कहा कि डकैतों की वजह से विकास कार्य प्रभावित न हो। दस्यु गोप्पा हो या अन्य डकैत सफाए की रणनीति बनाएं। सरकार आपका पूरा साथ देगी। इस बयान के बाद अब मामला और गरमा गया है।  
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डेमो
कानून व्यवस्था की समीक्षा के दौरान राज्यमंत्री ने ‘अमर उजाला’ में छपी डाकू गोप्पा की खबर को गंभीरता से लिया है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक डॉ. श्रीपति मिश्रा समेत चित्रकूट के अधिकारियों से डाकुओं के बारे में जानकारी ली। दस्युओं द्वारा प्रभावित कार्यों के बारे में पूछा।

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डेमो
पुलिस वालों ने दी हैरान करने वाली जानकारी पुलिस अधीक्षक डॉ. मिश्रा ने मंत्री जी डाकू गोप्पा के बारे में बताया कि वह तो छुटभैय्या डकैत है, अभी गैंगबुक में दर्ज नहीं हुआ। जल्द ही गैंग रिकॉर्ड तैयार कर इसे मार गिराया जाएगा।
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डेमो
50 हजार का इनामी डाकू है गोप्पा आपकी जानकारी के लिए बता दें जिस डाकू को छुटभैय्या डकैत बताया जा रहा है वह बांदा-चित्रकूट में 50 हजार का इनामी डाकू है। रामगोपाल उर्फ गोप्पा नाम से मशहूर इस डाकू की दहशत पूरे इलाके में फैली है। आए दिन यह सरकारी कामों में नई-नई रुकावटे पैदा करता है।इसके खिलाफ अब तक कई अपराधिक मामले दर्ज किए जा चुके हैं।    राज्यमंत्री ने दोनों जिलों के पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए कि डकैतों द्वारा काम रुकवाने संबंधी शिकायतों पर सीधे संज्ञान लें और पड़ताल करें। यह भी तय करें कि शिकायत सही है या गलत। जरूरत पड़े तो सुरक्षा व्यवस्था के बीच विकास कार्य कराएं लेकिन डकैतों की वजह से विकास प्रभावित नहीं होना चाहिए।
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