मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी बुंदेलखंड के डकैतों को सुधरने का मौका देने के हिमायती हैं। न सुधरने वाले डकैतों के खिलाफ ही कार्रवाई चाहते हैं। गुरुवार को झांसी में बुंदेलखंड के पुलिस अधिकारियों के साथ कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री की यह मंशा जाहिर हुई। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि किसी भी हालत में डकैत पनप न पाएं।
समीक्षा बैठक में चित्रकूटधाम और झांसी मंडलों के पुलिस अधिकारी शामिल थे। विकास कार्यों की समीक्षा बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने कानून व्यवस्था समीक्षा बैठक ली। चित्रकूटधाम मंडल डीआईजी ज्ञानेश्वर तिवारी इसमें उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने उनसे मंडल की डकैत समस्या के बारे में पूछा। साथ ही पुलिसिंग आदि की जानकारी ली। डीआईजी ने बताया कि मंडल के सभी जिलों में कम से कम दो नए थानों का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
अमर उजाला ने समीक्षा बैठक से पहले बुंदेलखंड में डकैतों का मुद्दा जोर शोर से उठाया था। तीन दिन से लगातार खबरें प्रकाशित कर बताया था कि चित्रकूट एवं बांदा में किस तरह से डकैत सरकारी काम में बांधा डाल रहे हैं।
खोदा पहाड़ निकली चुहिया
‘बड़ा शोर सुनते थे सीने में दिल का, जो चीरा तो एक कतरा खून निकला’। मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी की झांसी बैठक कुछ ऐसी ही रही। कई दिन पूर्व बैठक की खबर मिलते ही यहां के अफसरों की नींद उड़ गई थी। रात-दिन माथापच्ची करके आंकड़ों की बाजीगरी वाली रिपोर्ट तैयार की। धड़कते दिल के साथ इन्हें लेकर झांसी गए। लेकिन खोदा पहाड़ और निकली चुहिया। करीब तीन घंटे की बैठक में मुख्यमंत्री का पारा कहीं नहीं चढ़ा। न ही तेवर तल्ख नजर आए। अफसरों को मामूली झिड़की के बीच दिशा-निर्देश दिए। अलबत्ता खबरदार किया कि उनकी मंशा के मुताबिक काम नहीं हुआ और अफसर सरकार की उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे तो आने वाले दिनों में उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई होगी।