बांदा जिले में शनिवार को जनपद प्रभारी और राज्यमंत्री लाखन सिंह राजपूत ने कलक्ट्रेट में आयोजित बैठक में पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थशंकर मीणा को अवैध खनन पर अंकुश लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ओवरलोडिंग की गहनता से जांच कराएं। मंत्री ने मिल रही शिकायतों का हवाला देकर यह तक कहा कि थानों के इंचार्ज अपराधियों से सांठगांठ करके ओवरलोडिंग वाहनों को क्रास कराते हैं। छोटे वाहनों से वसूली करते हैं। मंत्री ने निर्देश दिया कि इसे रोकें और केंद्रित थानों के इंचार्जों को माहवार बदल दिए जाएं।
बताते चलें कि लाखन सिंह राजपूत द्वारा अवैध खनन और ओवरलोडिंग पर पुलिस को खरी-खरी सुनाने और खदान क्षेत्रों के थाना इंचार्जों को माहवार बदलने के निर्देश देने से पहले सीएम भी इस मामले को संज्ञान में ले चुके हैं। तीन माह पहले 8 दिसंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी बैठक में अवैध खनन पर कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित थाने के प्रभारियों को बदल देने के आदेश दिए थे।
अगले ही दिन 8 थाना इंचार्जों को लाइनहाजिर कर दिया गया था। अवैध खनन और ओवरलोडिंग चित्रकूटधाम मंडल में करीब डेढ़ दशक से तेजी पर है। बिना पुलिस की मंशा के यह नामुमकिन है। हालांकि एक पहलू यह भी है कि सत्तारूढ़ दल के माननीयों के इसमें जुड़े होने से पुलिस दबाव में रहती है। 8 दिसंबर 2019 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कृषि विश्वविद्यालय सभागार में समीक्षा बैठक ली थी।
मुख्यमंत्री ने यहां व्यापक पैमाने पर अवैध खनन की भनक लगने पर बैठक में उपस्थित डीआईजी को निर्देश दिए थे कि सभी थानों में फेरबदल करें। अवैध खनन न होने पाए। अगले ही दिन तत्कालीन एसपी गणेश प्रसाद साहा ने खदान वाले 8 थानों नरैनी, मटौंध, गिरवां, कालिंजर, फतेहगंज सहित चौकी करतल, नभूरागढ़ और सढ़ा के प्रभारियों को लाइन हाजिर कर दिया था। इन थानों और चौकियों में नए प्रभारी भेजे गए थे।