आगामी विधानसभा चुनाव से पहले अपने संगठन को प्रदेश स्तर पर खड़ा करने के लिए प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल यादव ने किसानों, महिलाओं, युवकों पर फोकस किया है। शनिवार को बिधनू में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में कहा कि उनकी पार्टी नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी का विरोध तो करती है, लेकिन हिंसा का समर्थन बिलकुल नहीं करती है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को रोजगार देने में विफल रही है। कार्यकर्ताओं को इस मुद्दे पर अभियान छेड़ना होगा। इसी तरह नोटबंदी और जीएसटी की वजह से व्यापारी और कारोबारी अभी भी उबर नहीं पाए हैं, हमें इसके लिए भी अपनी आवाज बुलंद करनी होगी। शिवपाल ने भाजपा पर जमकर निशाना साधा। कहा कि भाजपा लोगों को हिंदू-मुस्लिम में बांट रही है। सम्मेलन में प्रदेश अध्यक्ष सुंदरलाल लोधी, पूर्व कैबिनेट मंत्री शिवकुमार बेरिया, महासचिव रामनरेश यादव, महानगर जिलाध्यक्ष आशीष चौबे, जिलाध्यक्ष विनोद कुमार प्रजापति, प्रबुद्ध सभा अध्यक्ष दीपक मिश्रा, महिला मोर्चा अध्यक्ष शम्मी बोहरा, दुर्गाशंकर मिश्रा, सलीम अहमद आदि उपस्थित रहे।
पूर्व विधायक को नया नाम दिया ‘मुकरी’
शिवपाल यादव ने सपा के पूर्व क्षेत्रीय विधायक का नाम लिए बिना ही उनका नया नामकरण कर दिया। उनका इशारा मुनींद्र शुक्ला की तरफ था। उन्होंने बताया कि नेताजी मुलायम सिंह यादव पूर्व विधायक को पार्टी से टिकट नहीं दे रहे थे। मैंने सिफारिश करके उनको टिकट दिलवाया। चुनाव जिताने के लिए उनकी विधानसभा में प्रचार प्रसार भी किया। चुनाव जीतने के बाद हमेशा मेरा साथ देने का भरोसा दिलाया। समय और परिस्थितियां बदलने के साथ ही वे बात से मुकर गए। उन्होंने कहा कि ऐसे मुकरने वाले को सही मायनों में इनका नाम मुकरी होना चाहिए।
शिवपाल यादव में दिखा कोरोना का डर
कार्यकर्ता सम्मेलन में शिवपाल यादव ने भी कोरोनावायरस के भय से सतर्कता बरती। जामू गांव निवासी 70 वर्षीय राधेश्याम चंदेल मंच पर उनको गुलाल लगाने पहुंच गए। चेहरे पर गुलाल लगाने के बाद राधेश्याम जैसे ही मंच से नीचे उतरे। शिवपाल ने एक कार्यकर्ता से सैनिटाइजर की शीशी लेकर अपने हाथों में लगाई।