राज्यपाल राम नाईक ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, गुजरात एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के कुलपति और राष्ट्रपति के चिकित्सक मोहसिन अली सहित नौ व्यक्तियों को चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की ओर से मानद उपाधि दिए जाने का प्रस्ताव खारिज कर दिया है।
उन्होंने सिर्फ भारतीय कृषि एवं अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के महानिदेशक प्रो. एस. अयप्पन को मानद उपाधि देने की अनुमति दी है। राज्यपाल ने कहा है कि यह उपाधि शिक्षा और रिसर्च से जुड़े व्यक्तियों को ही दी जानी चाहिए।
ज्यादा मानद उपाधि बांटने से इसका महत्व कम हो जाता है। कृषि विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह 23 फरवरी को होगा। इसके मुख्य अतिथि आईसीएआर के महानिदेशक होंगे। उनके आने का कार्यक्रम फाइनल हो गया है।
समारोह की अध्यक्षता प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक करेंगे। कैलाश भवन सभागार में होने वाले समारोह में 500 मेधावियों को डिग्री, मेडल देकर सम्मानित किया जाएगा। इस बार की मेरिट में बेटियों का दबदबा है।
गौरतलब है कि कृषि विश्वविद्यालय प्रशासन ने पहले नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी को दीक्षांत समारोह का मुख्य अतिथि बनाना चाहा लेकिन उन्होंने इंकार कर दिया।
इसके बाद राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को मुख्य अतिथि बनाने का प्रस्ताव भेजा गया लेकिन राष्ट्रपति का कार्यक्रम भी नहीं मिल सका। अब आईसीएआर के महानिदेशक ही दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि होंगे।
सूत्रों ने बताया कि एकेडमिक काउंसिल की 134 वीं मीटिंग में छह लोगों और 135वीं मीटिंग में चार लोगों को मानद उपाधि देने का प्रस्ताव पास किया गया था। यही प्रस्ताव राज्यपाल के पास भेजा गया था।
इसका अध्ययन करने के बाद राज्यपाल ने सिर्फ आईसीएआर के महानिदेशक को मानद उपाधि दिए जाने की अनुमति दी है।