शहर में हाउस टैक्स 25 फीसदी तक बढ़ाने की तैयारी शुरू हो गई है। इसका प्रस्ताव तैयार है। जोनों से सर्वे रिपोर्ट आते ही प्रस्ताव नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक में रखा जाएगा। अधिकारिक स्तर पर इसकी सहमति बन गई है। पहले चरण में कामर्शियल भवनों पर 25 प्रतिशत तक हाउस टैक्स बढ़ाने की तैयारी है।
दूसरे चरण में आवासीय भवनों को भी इसके दायरे लिए जाने के संकेत हैं। खास बात यह है कि पहली बार हाउस टैक्स की दरें वर्तमान डीएम सर्किल रेट के आधार पर तय की जाएगी, जबकि अभी तक जमीन और निर्माण की कीमत के आधार पर हाउस टैक्स निर्धारित होता रहा है।
इस तरह एक लाख से ज्यादा कामर्शियल उपयोग वाले भवन मालिकों पर बोझ बढ़ेगा। बढ़ी हुई दरें इसी वित्तीय वर्ष से लागू करने की तैयारी है। नगर निगम ने 2008 - 09 में शहर सीमा में आने वाली सभी मकानों को टैक्स नेट में लाने के लिए जीआईएस सर्वे कराया था।
लगभग 1.10 करोड़ रुपये खर्च कर कराए गए इस सर्वे में शहर में 4.26 लाख मकान चिह्नित किए गए थे। इनमें आवासीय, व्यवसायिक सभी तरह की प्रापर्टियां शामिल हैं। उसके बाद शहर में नए मकान तो लगातार बनते जा रहे हैं, पर लगभग 50 फीसदी भवन स्वामियों ने स्वत: कर निर्धारण नहीं कराया है।
इस बीच तमाम आवासीय भवनों में कामर्शियल उपयोग होने लगा। इसके मद्देनजर नगर आयुक्त उमेश प्रताप सिंह ने सभी जोनल प्रभारियों को अपने - अपने जोन के ऐसे तीन - तीन वार्डों का हाउस होल्ड सर्वे करने के निर्देश दिए हैं, जिनमें कामर्शियल भवन सर्वाधिक हैं।
पहले चरण में कामर्शियल प्रापर्टियों पर 25 प्रतिशत तक हाउस टैक्स बढ़ाने की तैयारी है। दूसरे चरण में आवासीय भवनों को इस दायरे में लाने के संकेत हैं। नगर निगम अभी तक जमीन की कीमत और निर्माण की लागत के हिसाब से हाउस टैक्स का निर्धारण करता था।
शासन के आदेश पर पहली बार डीएम सर्किल रेट पर हाउस टैक्स निर्धारित होगा। जिस मोहल्ले का डीएम सर्किल रेट ज्यादा होगा, वहां हाउस टैक्स कम सर्किल रेट वाले मोहल्लों से ज्यादा लगेगा।
कामर्शियल प्रापर्टियों का सर्वे हो रहा है। पहले चरण में हर जोन में अधिकतम कामर्शियल प्रापर्टी वाले तीन - तीन वार्ड लिए गए हैं। 18 वार्डों में सर्वे पूरा होने के बाद 18-18 करके सभी वार्डों में सर्वे होगा।
बढ़ी दरें इसी वित्तीय वर्ष से प्रभावी होंगी। शहर में एक लाख से ज्यादा कामर्शियल प्रापर्टियां होने का अनुमान है।
विनोद कुमार गुप्ता, अपर नगर आयुक्त (प्रथम), नगर निगम