सीएम की महत्वाकांक्षी रानी लक्ष्मीबाई आशा ज्योति केंद्र एजेंसी की लापरवाही की भेंट चढ़ गई। अप्रैल में ही केंद्र प्रशासन को हैंडओवर होना था लेकिन अब तक पूरा भवन ही नहीं तैयार हो पाया है। सीडीओ अरुण कुमार ने कार्यदायी संस्था को नोटिस जारी करने की बात कही है।
उर्सला इमरजेंसी के बगल में आशा ज्योति केंद्र का अस्थायी कार्यालय खुला है। पिछले साल मेडिकल कॉलेज परिसर स्थित संक्रामक रोग अस्पताल (आईडीएच) के बगल में आशा ज्योति केंद्र का भवन बनाने की स्वीकृति दी गई थी। दो करोड़ रुपये से ज्यादा का बजट भी जारी कर दिया गया था। लोहे के गार्डर पर केंद्र का भवन बनना शुरू हुआ लेकिन अब तक काम पूरा नहीं हो पाया।
महिलाओं का इलाज, काउंसिलिंग होगी
रेप, घरेलू हिंसा, धोखाधड़ी आदि का शिकार हुई महिला, युवती, किशोरी, मासूम को इस केंद्र में रखा जाएगा। यहां उसके इलाज के साथ ही काउंसिलिंग और कानूनी सहायता दी जाएगी।
यह सुविधाएं मिलनी हैं
0 1090, 1098 और 108 एंबुलेंस सेवाएं केंद्र से जुडे़ंगी। एंबुलेंस में महिला अटेंडेंट, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ, महिला सिपाही, होमगार्ड की तैनाती होगी।
0 महिला थाना रिपोर्टिंग चौकी खोली जाएगी।
0 एक महिला डॉक्टर और दो स्टाफ नर्स की तैनाती होगी।
0 मनोरोग विशेषज्ञ और ट्रामा चाइल्ड काउंसलर की नियुक्ति होगी।
0 केंद्र में आने वाली महिलाओं को विधिक सहायता दी जाएगी।
0 बैंकिंग पटल की स्थापना होगी।
0 क्रेच खुलेगा।
0 अध्ययन कक्ष खुलेगा।
0 प्रशिक्षण हाल की होगी स्थापना।