हरदोई जिले के बिलग्राम में कोतवाली क्षेत्र के ग्राम घमोइया में बुधवार की देर रात कच्ची कोठरी की छत ढह गई। कोठरी में सो रही मां-बेटी मलबे में दब गई। दोनों को मलबे में दबा देख परिजनों ने शोर मचा दिया। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने मलबा हटाकर दोनों को बचाया।
परिजनों ने दोनों को सीएचसी में भर्ती कराया। बिलग्राम कोतवाली क्षेत्र के ग्राम घमोइया निवासी सतीश मजदूरी करता है। उसका कच्चा मकान है। बुधवार की रात उसकी पत्नी सुमन (20) अपनी दो माह की बच्ची दिव्या के साथ कोठरी में लेटी थी।
रात करीब एक बजे कोठरी की छत अचानक ढह गई। छत के मलबे में मां-बेटी दब गईं। सुमन व बेटी को छत के मलबे में दबा देख परिजनों ने शोर मचा दिया। सूचना मिलने के बाद ग्रामीण मौके पर आ गए। ग्रामीणों ने मलबा हटाकर मां बेटी को बाहर निकाला।
हादसे में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गईं। परिजनों ने आनन-फानन में दोनों को सीएचसी में भर्ती कराया। जहां पर चिकित्सक ने सुमन की हालत नाजुक होने पर उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया है। गुरुवार को सीओ शिवराम कुशवाहा ने मौके पर पहुंचकर जांच की। पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया।