कानूनी कार्रवाई करते हुए दर्ज कराया मुकदमा
इन अदालतों का उद्देश्य ऐसे अपराधों के लिए त्वरित सुनवाई करना है। बीते सालों से रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज कानपुर ने मामलों का संज्ञान लेकर कानपुर और उसके आसपास की नामी गिरामी कंपनियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज कराया। सूत्रों ने बताया कि ये मुकदमे कंपनी निर्माण के समय लगाए हुए दस्तावेज, जांच, निरीक्षण और पूछताछ के बाद मिली अनिमितताओं, निर्णयन पदाधिकारी के आदेश का अनुपालन नहीं करने, आमसभा न करने, फ्रॉड और जमा के प्रावधानों का न मानने से संबंधित हैं।
तीन से 10 साल तक जेल व जुर्माना का प्रावधान
भारतीय कंपनी सचिव संस्थान कानपुर के पूर्व चैप्टर अध्यक्ष वैभव अग्निहोत्री ने बताया कि आरओसी कानपुर ने नियमों को तोड़ने वाले शहर के नामी बिल्डर, इस्पात, स्टील कारोबारियों के खिलाफ अलग-अलग सेक्शनों में मुकदमा दर्ज कराया है। उन्होंने बताया कि जिन-जिन धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ है, उनमें तीन साल से 10 साल तक की जेल और जुर्माना का प्रावधान है। जुर्माना एक करोड़ या संबंधित रकम का पांच गुना तक हो सकता है।
बीते वर्षों में दर्ज हुए मुकदमे
साल संख्या
2020 14
2021 15
2022 02
2023 16
2024 05
2025 01....31 जनवरी तक
इस तरह के नियम तोड़ रहीं कंपनियां
कानपुर रीजन की बड़ी इस्पात कंपनी ने कास्ट ऑडिट ही नहीं कराया। धारा 148 उप धारा 6 के तहत 50 करोड़ से ज्यादा के टर्नओवर होने पर सीएमए से ऑडिट कराना होता है जो नहीं कराया गया। शहर के नामी बिल्डर के खिलाफ धारा 206 में मुकदमा दर्ज कराया गया। इसमें कंपनी का निरीक्षण किया गया] तो मिनट्स बुक ही तैयार नहीं मिले। अन्य दस्तावेज भी नहीं तैयार मिले। एक सीए के खिलाफ कंपनी अधिनियम की धारा 447, 448 के साथ ही भारतीय न्याय संहिता की धारा 210 के तहत कार्रवाई की गई।
प्रक्रिया न होने का आरोप लगा कार्रवाई
धारा 447, 448 में फ्रॉड करने और फर्जी दस्तावेज तैयार करने के आरोप लगाए गए हैं। दूसरी नामी इस्पात कंपनी पर धारा 73 उपधारा 4 के तहत कार्रवाई हुई। इसमें जनता के रुपये के इस्तेमाल पर रोक है। इसकी उपधारा में ब्याज सहित रकम लौटाने के प्रावधान होने के बाद भी प्रक्रिया न होने का आरोप लगा कार्रवाई की गई। साल 2023 में सात ऐसी कंपनियों के खिलाफ कंपनी अधिनियम के साथ ही सीआरपीसी की धारा 14, 206, 207, 128, 139, 454 की धारा में कार्रवाई की गई जिन्होंने रुपये निवेश करने पर धन को दो गुना-तीन गुना करने का लालच दिया था।
नोट- कंपनी अधिनियम की इन धाराओं 206 उप धारा 7, 207 उप धारा 4, धारा 628, धारा 16, धारा 186 सी, धारा 73, धारा 454, धारा 8, धारा 204, धारा 99, धारा 23 के तहत भी कार्रवाई की गई।