कानपुर। शहर में लगातार बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करने और जैव विविधता को बढ़ाने के उद्देश्य से कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) मकसूदाबाद में सिटी फॉरेस्ट विकसित करने की तैयारी में है। परियोजना के लिए टेंडर जारी कर दिए गए हैं। इसमें कुल 50 करोड़ रुपये खर्च होंगे। वहीं, चकेरी के मवईयां में मियावाकी पद्धति से एक जंगल विकसित किया जाएगा।
सिटी फॉरेस्ट की तैयारी केडीए ने मकसूदाबाद में 100 एकड़ भूमि पर नीम, गुलर, गुलमोहर, पाकड़, पीपल, जामुन, अर्जुन सहित 10 हजार से अधिक पौधे लगाने और उनकी तीन साल तक देखरेख के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की है। भूमि को हरा-भरा बनाकर पर्यावरण को बढ़ावा दिया जाएगा। टहलने के लिए ट्रैक और जैव विविधता को बढ़ाने के लिए विशेष क्षेत्र भी विकसित किए जाएंगे। वन निर्माण के लिए हाल ही में 80 बीघा जमीन से अवैध कब्जा हटाया गया है।
सिटी फॉरेस्ट में नागरिकों के मनोरंजन और सुविधा के लिए झील, बोटिंग, बच्चों के लिए खेल का मैदान, झूले, टॉय ट्रेन, पिकनिक स्पॉट, एडवेंचर जोन और कैंटीन जैसी व्यवस्थाएं की जाएंगी। दोनों परियोजनाओं की तकनीकी बिड 25 फरवरी को खुलेगी। चकेरी के मवईयां में मियावाकी पद्धति से जंगल विकसित कर शहतूत, मेहंदी, बेल, देशी गुलाब, शीशम सहित 20 हजार पेड़ लगाए जाएंगे। इसके लिए ग्राम समाज की भूमि को केडीए के नाम कराया गया है। 76.91 लाख रुपये की लागत से इसे विकसित किया जाएगा।