कानपुर। कोहना थाना क्षेत्र के आर्यनगर में सड़क हादसे में घायल हुए युवक का उर्सला अस्पताल में गलत नाम दर्ज होने के कारण पिता बेटे को जिंदा नहीं देख सके। एक सप्ताह तक उर्सला अस्पताल में लावारिस हालत में भर्ती रहने के बाद युवक ने दम तोड़ दिया। मंगलवार को पुलिस जब मृतक का पता खोजते हुए उसके घर पहुंची तब पिता को बेटे की मौत का पता चल सका। पिता बोले, अगर समय से बेटे का पता चल जाता तो उसका अच्छा इलाज करा सकते थे।
पुराना कानपुर निवासी अनुज उर्फ विनीत दीक्षित आर्यनगर के एक रेस्टोरेंट में वेटर था। पिता राजेश दीक्षित ने बताया कि बेटा मोबाइल नहीं रखता था। पांच फरवरी को बेटे ने अनजान नंबर से फोन कर आर्यनगर में एक्सीडेंट होने की जानकारी दी। उस समय गुजरात में बेटी की ससुराल में होने के चलते अगले दिन शहर पहुंचे। उन्होंने बेटे का नाम बताकर हैलट, उर्सला, केपीएम में तलाश की लेकिन कुछ पता नहीं चला। मंगलवार को कोहना थाना पुलिस उनके पड़ोस के घर का पता लेकर अरुण नाम के शख्स का घर पूछ रही थी। राजेश ने पुलिस से बात की तो पुलिस ने उन्हें मोबाइल पर बेटे अनुज की फोटो दिखाई जिसकी मौत हो चुकी थी। यह सुनते ही राजेश बदहवास हो गए। तब पता चला कि बेटे को उर्सला में भर्ती कराने वाले राहगीर ने गलती से अनुज की जगह अरुण नाम दर्ज करवा दिया था। वहीं, पता पुराना कानपुर तो लिखवाया लेकिन मकान नंबर गलत था। कोहना थाना प्रभारी ने बताया कि परिजन तहरीर देते हैं, तो जांच की जाएगी।