बर्रा इलाके में छेड़छाड़ का विरोध करने पर शोहदों ने एक राज्य स्तरीय कबड्डी खिलाड़ी और उसकी मां को बेरहमी से पीटा। 15 जून को घर में घुसकर किए गए इस हमले में खिलाड़ी की नाक की हड्डी टूट गई थी, बावजूद इसके पुलिस ने सिर्फ असंज्ञेय धाराओं में मामला दर्जकर पीड़िता को टरका दिया था।
पीड़ित युवती कबड्डी की राज्यस्तरीय खिलाड़ी है, यह तथ्य बुधवार को आम होने पर घटना के नौ दिन बाद बर्रा पुलिस सोते से जागी और मुख्य आरोपी उजाला ठाकुर उर्फ ऋषि को धर दबोचा। एसएसपी शलभ माथुर ने दावा किया कि जल्द ही सभी अभियुक्त गिरफ्तार कर लिए जाएंगे।
इधर, बुधवार शाम भाजपा प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत बाजपेयी कानपुर पहुंचे और सभी अभियुक्तों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर स्थानीय भाजपाइयों के साथ एसएसपी आवास पर धरना देकर बैठ गए। वहीं देर रात एसएसपी ने गुजैनी चौकी इंचार्ज मनोज पांडे को सस्पेंड और एसओ माणिकचंद्र को लाइन हाजिर कर दिया। साथ्ा ही 24 घंटे
के भीतर जांच रिपोर्ट तलब की है।
इसके साथ ही भाजपाइयों ने जय श्री राम के नारे लगाए और धरना समाप्त कर दिया। वारदात से प्रभावित स्नेहा सिंह उर्फ डॉली राज्यस्तरीय कबड्डी खिलाड़ी है। बुधवार को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में प्रकरण आने के बाद सीएमओ से लेकर पीएमओ तक खबर पहुंची और फोन घनघनाए तो पुलिस हरकत में आई। पहले दर्ज असंज्ञेय मामले को छेड़खानी, घर में घुसकर मारपीट, पथराव, अंगभंग सहित अन्य गंभीर धाराओं में परिवर्तित कर दिया गया।
जानकारी के मुताबिक बर्रा इलाके में रहने वाली डाली, दिल्ली के एक कबड्डी क्लब से नेशनल टीम में खेलने के लिए तैयारी कर रही हैं। अभी कुछ दिनों पूर्व ही नेशनल टीम में शामिल होने के लिए ट्रायल भी दिया है। इसके साथ ही डॉली उरई के एक कॉलेज से बीपीएड कर रही हैं। डॉली ने बताया कि एक माह पूर्व कॉलेज की छुट्टियों के दौरान घर आई थी। इसी दौरान घर के पास ही रहने वाले उजाला ठाकुर उर्फ ऋषी ने घर के पास ही रोककर छेड़खानी की थी। डॉली ने मामले की जानकारी परिवारीजनों को दी और दो दिन बाद कॉलेज उरई लौट गई थी।
बीते 12 जून को डॉली फिर घर आई तो इलाके में रहने वाले शोहदे उजाला ने फिर से घर के आस-पास चक्कर लगाने शुरू कर दिया। खिलाड़ी की मां ने इसकी शिकायत उजाला के परिजनों से की तो उसने सारी हदें पार कर दी। बीते 15 जून को बाइक सवार एक दर्जन साथियों के साथ घर पर गाली गलौज करते हुए पथराव कर दिया था। विरोध करने पर शोहदे ने अपने साथियों के साथ खिलाड़ी और उसके परिवारीजनों को बेरहमी से पीटा।
कंट्रोल रूम की सूचना पर बर्रा थाने के दरोगा मनोज कुमार पाण्डेय मौके पर पहुंचे लेकिन आरोपी उनसे भी अभद्रता करते हुए मौके से भाग निकले। धक्का-मुक्की के दौरान दरोगा का हाथ भी जख्मी हो गया था। खिलाड़ी घायल हालत में बर्रा थाने पहुंची और मामले की तहरीर दी। बर्रा एसओ माणिकचंद्र पटेल ने टरकारते हुए आरोपी उजाला और गांधी के खिलाफ सिर्फ एनसीआर दर्ज करते हुए टरका दिया।
पीड़ित खिलाड़ी ने आरोपियों पर कार्रवाई के लिए क्षेत्राधिकारी गोविंदनगर ओपी सिंह से लेकर एसएसपी शलभ माथुर और आईजी आशुतोष पाण्डेय तक न्याय की गुहार लगाई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। बर्रा पुलिस फोर्स, सीओ और एसपी पश्चिम राजेश एस जांच करने बुधवार दोपहर पीड़िता के घर पहुंचे।
मीडिया कर्मियों को देख एसपी कार्रवाई का आश्वासन देते हुए मौके से चले गए। खुद की गर्दन फंसने पर पुलिस ने एक घंटे के भीतर ही आरोपी को उजाला को गिरफ्तार कर खिलाड़ी के आरोपों के आधार पर धाराएं भी बढ़ा दीं। पुलिस अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।
राज्य स्तरीय कबड्डी खिलाड़ी के साथ छेड़छाड़-मारपीट की घटना में पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने पार्टी के विधायकों और कार्यकर्ताओं के साथ बुधवार रात एसएसपी आवास घेर लिया और आवास के सामने ही सड़क पर बैठे गए।
प्रदेश अध्यक्ष जब बैठे-बैठे थक गए तो वह वहीं सड़क पर लेट गए। उनका कहना है कि जब तक आरोपी पुलिस वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती है, वे लोग यहीं जमे रहेंगे। उन्होंने कहा कि कानपुर की कानून-व्यवस्था ध्वस्त है और सरकार तमाशा देख रही है। देर रात तक भाजपाइयों का प्रदर्शन जारी रहा। पार्टी के विधायकों ने एसएसपी आवास के मुख्य गेट के अंदर धरना शुरू कर दिया तो, बाहर प्रदेश अध्यक्ष के साथ पदाधिकारियों की टीम ने सड़क पर कभी बैठकर तो कभी लेटकर विरोध जारी रखा।
रात बारह बजे के बाद भी जब एसएसपी की तरफ से आरोप पुलिस वालों के निलंबन की कार्रवाई का आदेश जारी नहीं किया गया तो, प्रदेश अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों ने लाई चना मंगाकर खाया पिया और फिर सड़क पर लेट गए। इससे पहले पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की एसएसपी आवास में घुसने को लेकर वहां मौजूद पुलिस कर्मियों से झड़प भी हुई। जैसे जैसे समय बीतता गया भाजपाइयोें की संख्या बढ़ती गई।