कानपुर देहात। खानचंद्रपुर में दूषित भूजल का क्षेत्रफल लगातार बढ़ता जा रहा है। खानचंद्रपुर, उमरन के बाद अब रनियां के चार नए वार्डों तक इसका प्रकोप पहुंचने लगा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से चार वार्ड के 120 लोगों के रक्त व यूरिन के नमूने लेकर जांच के लिए लखनऊ व रायबरेली भेजे थे। शुक्रवार को लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट से सभी 120 लोगों की रिपोर्ट आ गई। इनमें दो लोगों में मानक से अधिक क्रोमियम मिला है।
खानचंद्रपुर-मटियामऊ मार्ग पर करीब 20 साल तक करीब 95000 मीट्रिक टन क्रोमियम कचरा डंप रहने से भूजल दूषित हो गया है। इसके बावजूद भी जिम्मेदारों की ओर से पानी में मिलने वाले भारी तत्वों के रोकथाम के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जाने से इसका प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। एनजीटी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रभावित क्षेत्र में लोगों के रक्त नमूने लेकर क्रोमियम, मर्करी, फ्लोराइड की जांच कराई जा रही है। पिछले दो माह में स्वास्थ्य विभाग की ओर से कराई गई जांच में खानचंद्रपुर व उमरन के सभी लोगों में मानक से अधिक क्रोमियम पाया जा चुका है।
रनियां के भारी तत्वों का प्रकोप बढ़ते देख स्वास्थ्य विभाग की ओर से अपनी जांच का दायरा बढ़ाकर रनियां के श्याम सुंदर नगर, केशव नगर, बजरंग नगर व आंबेडकर नगर से 30-30 लोगों के रक्त व पेशाब के नमूने लिए गए थे। क्रोमियम व मर्करी की जांच के लिए नमूने डॉ. राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट लखनऊ भेजे गए थे। जबकि फ्लोराइड की जांच के लिए नमूने एम्स रायबरेली भेजे गए थे। तीन दिन पहले एम्स रायबरेली से आई रिपोर्ट में रिपोर्ट में आठ लोगों में मानक से अधिक क्रोमियम पाया गया था। वहीं शुक्रवार को लखनऊ से आई क्रोमियम व मर्करी रिपोर्ट में दो लोगों में मानक से अधिक क्रोमियम पाया गया है जबकि शेष लोगों में क्रोमियम का स्तर बार्डर लाइन के करीब पाया गया है। साथ ही किसी भी व्यक्ति में मानक से अधिक मर्करी नहीं पाई गई है। नए वार्डों की रिपोर्ट ने डॉक्टरों व स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
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पाल पुरवा में सभी लोगों में मिला था मानक से अधिक क्रोमियम
स्वास्थ्य विभाग की ओर से छह जनवरी से नौ जनवरी तक अभियान चलाकर पालन पुरवा से 104 लोगों के रैंडम तरीके से रक्त व पेशाब के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए थे। इनकी रिपोर्ट में सभी में मानक से अधिक क्रोमियम पाया गया था। जबकि 29 लोगों के खून में मानक से अधिक फ्लोराइड व चार लोगों में मर्करी मिला था। रनियां क्षेत्र में बढ़ रहे भारी तत्वों के खतरों के नाम पर सिर्फ जांच व शिविर में उपचार दिया जा रहा है। जबकि जमीनी स्तर पर भारी तत्वों के खतरे के रोकथाम के लिए कार्य देखने को नहीं मिल रहा है।
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इतना होना चाहिए स्वस्थ्य व्यक्ति में क्रोमियम
चिकित्सक के अनुसार एक स्वस्थ्य व्यक्ति में 0.05 माइक्रोग्राम प्रति लीटर से 1.4 माइक्रोग्राम प्रति लीटर क्रोमियम होना चाहिए। जबकि औद्योगिक क्षेत्र रनियां में स्वास्थ्य विभाग की ओर से कराई जा रही जांच में लोगों में 20 माइक्रोग्राम तक मिल रहा है। जोकि चिंता का विषय है। शरीर में मानक से कई गुना अधिक क्रोमियम होने से लोगों की त्वचा, किडनी, लिवर व श्वसन समस्या व पेट में दर्द की समस्या बढ़ सकती है।
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वर्जन................
डॉ. राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट से आई 120 लोगों में आंबेडकर नगर में एक महिला में 11 माइक्रोग्राम क्रोमियम पाया गया है। जबकि श्याम सुंदर नगर में एक पुरुष के अंदर 19 माइक्रोग्राम क्रोमियम पाया गया है। शेष लोगों में क्रोमियम बार्डर लाइन के पास मिला है। शरीर में मानक से अधिक क्रोमियम मिलने वाले दोनों लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी। जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि वार्ड में क्रोमियम का खतरा है या फिर उनकी ओर से रनियां के किसी दूसरे स्थान का पानी या अन्य सामग्री प्रयोग करने से शरीर में क्रोमियम बढ़ा है। औद्योगिक क्षेत्र में लोगों के उपचार के लिए विभाग की ओर से प्रभावित क्षेत्र में शिविर लगाए जा रहे हैं। आगे जो भी एनजीटी की ओर से निर्देश मिलेंगे, उसके हिसाब से कार्य किया जाएगा। - डॉ. एके सिंह, सीएमओ