इससे पहले शनिवार शाम को हुई मुठभेड़ के दौरान एक मुख्य आरोपी पुलिस की जवाबी फायरिंग में पैर में गोली लगने से घायल हो गया था, जबकि आरोपियों की गोलीबारी में एक सिपाही भी घायल हुआ था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 02 तमंचे, कारतूस और वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक बरामद की है।
भोर पहर घेराबंदी कर दबोचे गए फरार आरोपी
पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने बताया कि रविवार भोर करीब 03 बजे सूचना मिली कि इनामी आरोपी विवेक कुमार पटेल (निवासी रैपुरवा माफी) और प्रवीण पटेल (निवासी कल्ला, भरतकूप) शिवरामपुर के मछारिया तिराहे के पास कहीं भागने की फिराक में खड़े हैं।
सूचना मिलते ही एसओजी, बहिलपुरवा, सदर कोतवाली और भरतकूप थाना पुलिस ने इलाके की घेराबंदी की। पुलिस टीम को देखकर दोनों आरोपी भागने लगे, जिन्हें पुलिसकर्मियों ने दौड़ाकर दबोच लिया। शनिवार शाम मड़फा पहाड़ के पास हुई मुठभेड़ में मुख्य आरोपी जितेंद्र के पैर में गोली लगी थी और उसे व घायल सिपाही राघवेंद्र सिंह को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जंगल में छिपे रहे दरिंदे, साथी ने खोला सच
पूछताछ में पकड़े गए आरोपी प्रवीण ने बताया कि वारदात के वक्त वह किशोरी को पकड़े हुए था, जबकि उसके साथी विवेक और जितेंद्र ने युवती को दूर ले जाकर बारी-बारी से दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया था। घटना के बाद पुलिस के खौफ से तीनों आरोपी जंगलों में छिपे रहे।
रात के अंधेरे में सेमरदहा गांव होते हुए बाइक से मालिन टंकी, बोड़ी पोखरी और खोह के रास्ते शिवरामपुर पहुंचे थे। साथी जितेंद्र को पुलिस मुठभेड़ में गोली लगने के बाद से दोनों बुरी तरह डर गए थे और शहर छोड़कर भागने की फिराक में थे।
पुलिस ने दर्ज की विधिक कार्रवाई, भेजे गए जेल
चित्रकूट पुलिस ने गैंगरेप के तीनों आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो और सामूहिक दुष्कर्म सहित गंभीर धाराओं में दर्ज मुकदमे के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई पूरी कर ली है। एसपी ने बताया कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही थी। पकड़े गए दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।