न्यायालय परिसर में आरोपी पंकज यादव को लॉकअप ले जाती पुलिस
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सेमरदहा के चर्चित बेटी और पत्नी की गोली मारकर हत्या कर खुदकशी करने के मामले में सत्र न्यायाधीश शेषमणि शुक्ला ने शनिवार को महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने इस सनसनीखेज मामले में बेटी के प्रेमी पंकज यादव को दोषी ठहराते हुए 10 साल कैद की सजा सुनाई है। साथ ही, उस पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है, जिसमें से पांच हजार रुपये बतौर प्रतिकर नाबालिग बेटी को देने का आदेश भी दिया है।
यह फैसला घटना के बाद 2 साल 11 माह और सात दिन में सुनाया गया है। बहिलपुरवा थाने के सेमरदहा गांव निवासी नंद किशोर त्रिपाठी उर्फ नंदू ने 13 मार्च 2023 को दोपहर में अपनी लाइसेंसी दोनाली बंदूक से अपनी बेटी खुशी (19) और पत्नी सीमा देवी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस जघन्य वारदात को अंजाम देने के बाद नंदू ने गांव से दो किमी दूर एक पेड़ से फंदा लगाकर स्वयं खुदकशी कर ली थी।
इस मामले में नंदू के भतीजे अनिल कुमार त्रिपाठी ने 14 मार्च 2023 को बहिलपुरवा थाने में पुलिस को तहरीर में बताया था कि माराचंद्रा गांव के निवासी पंकज यादव ने खुशी को बहला-फुसलाकर उसके अश्लील वीडियो बना लिए थे। इन वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर वो उसे लगातार ब्लैकमेल कर रहा था। इस ब्लैक मेलिंग से अत्यधिक आहत नंद किशोर त्रिपाठी ने यह घातक कदम उठाया था, जिसमें उसने अपनी बेटी और पत्नी की जान ले ली और फिर अपनी भी जान दे दी।
पुलिस ने वादी अनिल कुमार त्रिपाठी की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज की थी। बाद में पुलिस ने आरोपी पंकज यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इय मामले में कोर्ट में शुक्रवार को सत्र न्यायाधीश शेषमणि शुक्ला ने सुनवाई कर अपना फैसला सुरक्षित किया था। शनिवार को सत्र न्यायाधीश शेषमणि ने दोषी पंकज यादव को सजा सुनाई। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि जुर्माने की राशि में से पांच हजार रुपये पीड़ित परिवार की नाबालिग बेटी को प्रतिकर के रूप में दिए जाएंगे। सजा सुनाए जाने के बाद पंकज यादव को पुनः जेल भेज दिया गया।