2023 में सीजेएम कोर्ट ने सुना दी थी सजा
इस दौरान प्रदर्शनकारियों की पुलिस से झड़प हो गई थी, जिसमें धारा 147, 148, 353, 332, 504, 506 सहित अन्य धाराएं लगाई गई थीं। पूर्व सांसद व विधायक के साथ-साथ नगर के कई प्रमुख लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। केस की सुनवाई वर्षों तक चली और वर्ष 2023 में सीजेएम कोर्ट ने सजा सुना दी थी।
अब आगे की रणनीति पर भी नजर
दोषमुक्त होने के बाद अब इन जनप्रतिनिधियों और समर्थकों ने न्यायपालिका का आभार जताया है। उन्होंने इसे सच्चाई की जीत बताया है और कहा कि यह राजनीतिक षड्यंत्र का हिस्सा था, जिसमें आज न्याय ने उन्हें बरी किया। कानूनी जानकारों के मुताबिक अगर शासन पक्ष इस फैसले से असहमत होता है, तो वह हाईकोर्ट में अपील कर सकता है। हालांकि मौजूदा स्थिति में यह फैसला सभी आरोपियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।