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चीन ने भारत से मांगी मदद, कहा- हमको गुड़ से चाकलेट बनाना सिखा दो

Mon, 13 Nov 2017 09:15 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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नेशनल शुगर इंस्टीट्यूट कानपुर
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चीन और श्रीलंका भी हमारे देश की शुगर (चीनी) टेक्नोलॉजी के मुरीद हैं। चीन के बड़े शुगर विशेषज्ञों में शुमार सिमॉन लियू ने कानपुर स्थित नेशनल शुगर इंस्टीट्यूट (एनएसआई) के डायरेक्टर प्रो. नरेंद्र मोहन को मेल भेजकर मदद मांगी है।
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इसमें उन्होंने स्पेशल शुगर बनाने का तरीका, गुड़ से केक और चाकलेट बनाना, गन्ने और गन्ने की खोई (बगास) से चीनी बनाने के अलावा किन-किन चीजों को किस तकनीक से तैयार किया जा सकता है आदि जानकारी मांगी है। इसके लिए चीन ने डायरेक्टर को हांगकांग आमंत्रित किया है। श्रीलंका ने भी एनएसआई के विशेषज्ञों से अपने देश में स्मार्ट क्लास करने का आग्रह किया है।






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एनएसआई से क्या चाहता है चीन

डेमो पिक
पिछले सप्ताह इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में 23वीं आईबीसी एशिया इंटरनेशनल शुगर कांफ्रेंस हुई थी। इसमें प्रो. नरेंद्र मोहन ने गन्ने की खोई की मदद से डिटर्जेंट, बिजली बनाने के अलावा पानी को पीने योग्य बनाने की तकनीक के बारे में जानकारी दी थी। इससे कांफ्रेंस में आए दुनियाभर के विशेषज्ञ काफी प्रभावित हुए थे। इसके बाद शुमार सिमॉन लियू ने प्रो. नरेंद्र मोहन को मेल कर मदद मांगी है। श्रीलंका की तरफ से एमएस शुगर ने एनएसआई के डायरेक्टर को ई-मेल किया है।


- स्पेशल शुगर बनाने की तकनीक।
- चीनी की गुणवत्ता में सुधार लाने की तकनीक।
- गुड़ से केरिमल केक, बिस्कुट, चॉकलेट आदि बनाने का तरीका।
- गन्ने से निकलने वाले पानी का क्या इस्तेमाल हो सकता है।


 
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श्रीलंका ने भी मांगी मदद

डेमो पिक
चीनी मिलों के इंजीनियरों, विशेषज्ञों के प्रशिक्षण कार्यक्रम।
गन्ना उत्पादन बढ़ाने के लिए तकनीक।
बगास का उपयोग कर क्या-क्या तैयार किया जा सकता है।


नेशनल शुगर इंस्टीट्यूट ने शुगर टेक्नोलॉजी, गुणवत्ता और उत्पादन के क्षेत्र में काफी काम किया है। इससे दुनिया के कई बड़े देश भी दंग हैं। वह हमारे साथ मिलकर इस क्षेत्र में काम करना चाहते हैं। मैंने चीन और श्रीलंका से आए ई-मेल का जवाब दे दिया है। उनसे उनके प्रोजेक्ट की विस्तृत जानकारी मांगी है। इसके बाद चीन के साथ तकनीक के हस्तांतरण को लेकर भारत की नीति के हिसाब से निर्णय लिया जाएगा।
प्रो. नरेंद्र मोहन, डायरेक्टर, एनएसआई कानपुर
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