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खतरे में नौनिहाल: सात सीटों पर 20 बच्चे, तीन स्कूली वैनों का चालान, पांच दिनों में 32 वैनों के चालान

Wed, 20 Jul 2022 07:53 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

जिले में बिना मानक के वाहनों से नौनिहालों को लाने, ले जाने का कार्य किया जा रहा है। ऐसे स्कूली वाहनों पर आरटीओ विभाग कार्रवाई कर रहा है। आरटीओ के प्रवर्तन दस्ते ने बगैर फिटनेस स्कूली छात्रों को ले जा रहे 15 वाहनों के भी चालान किए।
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स्कूल वैन - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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कानपुर में  बच्चों को वैन में ठूंसकर स्कूल छोड़ने और लाने वाली वैनों पर आरटीओ विभाग शिकंजा नहीं कस पा रहा है। लगातार चालान किए जा रहे हैं, फिर भी ये वाहन सड़क पर दौड़ रहे हैं। मंगलवार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे नौबस्ता बाईपास पर 17, 18 और 20 बच्चों को भरकर ले जा रही तीन वैनों पर दो-दो हजार का चालान ट्रैफिक पुलिस के इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह ने किया।

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वहीं, आरटीओ के प्रवर्तन दस्ते ने मंगलवार को बिना फिटनेस के बच्चों को ढो रहे 15 स्कूली वाहनों के चालान किए। एक बस और तीन वैनों को चौबेपुर और अर्मापुर थाने में बंद किया गया। इसमें दो स्कूली बसों (यूपी 78-सीएन-7979 और यूपी 78 सीटी 7514) की फिटनेस खत्म होने पर एआरटीओ प्रशासन सुधीर कुमार ने नोटिस भी जारी किया था। इसके बाद भी स्कूल की बस सड़क पर बिना फिटनेस के सड़क पर दौड़ रही थी। बता दें कि वैन आठ सीटर होती है। एक सीट ड्राइवर के लिए होती है। 

पांच दिनों में 32 वैनों के चालान
बीते पांच दिनों में आरटीओ के प्रवर्तन दस्ते ने 32 वैनों के चालान किए। इसमें 12 बिना परमिट, छह बिना फिटनेस और बाकी बिना पंजीकरण और बिना मानकों के चलती मिली थीं। प्रवर्तन दस्ता शहर के नामीगिरामी स्कूलों में बच्चे ढोने वाली वैनों और बसों के खिलाफ कार्रवाई न कर चौबेपुर, शिवराजपुर, शिवली रोड जैसे आउटर के क्षेत्रों में कार्रवाई कर रहा है।
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परिवहन विभाग ऐसे वाहनों पर लगातार कार्रवाई कर रहा है। स्कूलों की जिम्मेदारी है कि वह बिना परमिट और अनफिट वैन व अन्य वाहनों से स्कूल न आने दें। अभिभावकों को भी कम किराये के चक्कर में बच्चों की जान जोखिम में नहीं डालनी चाहिए। स्कूली वाहन या स्कूल से संबद्ध वाहनों से ही बच्चों को आने-जाने दें।  - विदिशा सिंह, आरटीओ, प्रवर्तन
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