इटावा में लवेदी के धौरखा गांव में आंधी से दो हादसे हुए। एक गरीब मजदूर परिवार के ऊपर पत्थर की पटिया से पटी कच्ची छत गिरने से तीन साल के बच्चे की मौत और माता-पिता घायल हो गए। वहीं एक अन्य मकान की दीवार व छप्पर गिरने से मां-बेटी घायल हो गई। चारों घायल जिला अस्पताल में भर्ती कराए गए हैं।
गुरुवार देर शाम करीब साढ़े सात बजे आंधी-पानी आने से लवेदी थाना क्षेत्र के धौरखा गांव निवासी मजदूर जितेंद्र दोहरे के कमरे की छत भरभरा कर गिर पड़ी। छत का पटान लोहे के गाटर पर पत्थर की पटिया रख के मिट्टी के भराव से किया गया था। जितेंद्र अपनी पत्नी व बेटे के साथ पिता दिनेश के बगल में ही एक कमरे के घर में रह रहा है।
इसी कमरे की छत से बिल्कुल सट कर पिता के कमरे के छत की ईंटों से बनी चहारदीवारी खड़ी थी। आंधी से एक तरफ की चहारदीवार जितेंद्र की छत पर गिरी। मलबा के वजन व धमक से उसकी छत भरभराकर गिर पड़ी। इसमें दबने से जितेंद्र, उसकी पत्नी रिंकी और तीन साल बेटा अनुराग गंभीर रूप से घायल हो गए। इसी दौरान गांव के ही सर्वेश दोहरे के घर की बाहरी दीवार धराशायी हो गई।