मैनपुरी लोकसभा क्षेत्र के जसवंतनगर में सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। मुख्यमंत्री ने दोनों दलों पर हिंदू विरोधी होने का आरोप लगाया। कहा कि यादवों को टिकट देने के लिए अखिलेश को सिर्फ अपना ही परिवार मिला। उन्होंने रामलला के दर्शन करने न जाने पर सपा और कांग्रेस को आड़े हाथ लिया।
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बृहस्पतिवार को मैनपुरी से भाजपा प्रत्याशी जयवीर सिंह के पक्ष में रामलीला मैदान पर हुई जनसभा में मुख्यमंत्री ने कहा कि एक तरफ विकास और विकसित भारत की संकल्पना के साथ मोदी हैं तो दूसरी तरफ सपा, कांग्रेस का गठबंधन व बसपा है। यह लोग चुनाव से पहले नजर नहीं आते। चुनाव आते ही अपना-अपना राग अलापने लगते हैं।
कहा कि आप लोग पूछिए कि रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होने के बाद सपा और कांग्रेस के नेताओं ने दर्शन क्यों नहीं किए। मुख्यमंत्री ने सपा और कांग्रेस के गठबंधन पर भी सवाल उठाए। कहा कि कांग्रेस कहती है कि श्रीराम और श्रीकृष्ण हुए ही नहीं। क्या ऐसे में सपा को कांग्रेस का हार बनना चाहिए था।
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उन्होंने सैम पित्रोदा का नाम लिए बगैर कहा कि कांग्रेस के बड़े नेता के सलाहकार ने कहा है कि देश में कांग्रेस नेतृत्व की सरकार आएगी तो विरासत पर टैक्स लगाएगी। मतलब, आपके बाप-दादा की विरासत की संपत्ति कांग्रेस और सपा के लोग हड़प लेंगे। उन्होंने कहा कि कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार है। वहां कांग्रेस पिछड़ों के आरक्षण को मुस्लिमों को बांट रही है। यह कोई पहला मौका नहीं है। इससे पहले भी बसपा, सपा के सहयोग वाली कांग्रेस सरकार ने जस्टिस रंगनाथ मिश्रा कमेटी गठित की थी। उस कमेटी ने संस्तुति दी थी कि ओबीसी का आरक्षण मुस्लिमों में बांट दिया जाए। मुख्यमंंत्री ने कहा कि कांग्रेस आएगी तो सरकार के संसाधनों को वह मुस्लिमों को बांट देगी।
बोले कि बाबा साहेब आंबेडकर के संविधान के साथ यह लोग खिलवाड़ करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि सपा और कांग्रेस देश की कीमत पर राजनीति करना चाहती हैं। इसलिए यह चुनाव सामान्य नहीं बल्कि देश का भाग्य बनाने वाला चुनाव है। उन्होंने कहा कि अब काशी और अयोध्या के बाद मथुरा का भी विकास होगा। इसमें जसवंतनगर और करहल का साथ जरूरी है। उन्होंने सपा पर आतंकवादियों को जमानत दिलाने का भी आरोप लगाया। वहीं, बताया कि पहले चरण के रुझान में पूरी स्थिति स्पष्ट हो चुकी है।
रामभक्तों की विधवाओं के मंगल सूत्रों का क्या हुआ
मुख्यमंत्री ने मंगलसूत्र को लेकर डिंपल यादव के बयान पर पलटवार किया। बिना नाम लिए कहा कि सपा की नेता से मैं यह पूछता हूं कि रामभक्तों का जो लहू सपा ने बहाया था, उन नौजवानों की विधवाओं के मंगलसूत्रों का क्या हुआ? उन्होंने कहा कि श्रीराम और उप्र के विकास के लिए पूरा जीवन देने वाले कल्याण सिंह के निधन पर सपा के अध्यक्ष ने कोई संवेदना व्यक्त नहीं की। जबकि एक माफिया की मौत हुई तो सपा के लोग विधवा विलाप कर रहे थे। सपा अध्यक्ष वहां फातिहा पढ़ने गए थे। उन्होंने कहा कि अब सपा को पांच साल के लिए फातिहा पढ़ने के लिए छोड़ दीजिए।
योगी बोले... बेचारे शिवपाल को तो दी जा रही चूरन की पुड़िया
जसवंतनगर विधायक शिवपाल सिंह यादव पर भी मुख्यमंत्री ने तंज कसा। कहा कि मुझे तो शिवपाल सिंह यादव पर तरस आता है। वह सिर्फ सत्यनारायण की कथा सुनने के लिए बचे हैं। कथा सुनाकर उन्हें चूरन की पुड़िया दे दी जाती है। उन्हें बैठने तक के लिए सोफा नहीं दिया जाता। हत्थे पर बैठा दिया जाता है।