छत्रपति शाहूजी महाराज यूनिवर्सिटी के रेग्युलर एग्जाम 2014-15 में सामूहिक नकल कराने वाले कॉलेजों के खिलाफ परीक्षा के दौरान ही कार्रवाई होगी। इस सिलसिले में अन फेयर मींस (यूएफएम) कमेटी गठित कर दी गई है। इसकी पहली मीटिंग सोमवार को हुई है। इसमें सामूहिक नकल पकड़े जाने वाले कॉलेजों की रिपोर्ट देखी गई।
साथ ही आरोपी कॉलेजों को नोटिस जारी करने का फैसला किया गया। उड़नदस्तों की रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद ही कार्रवाई की सिफारिश परीक्षा समिति से होगी। परीक्षा समिति की मीटिंग मार्च अंत तक कराई जा सकती है। यूनिवर्सिटी एग्जाम में सामूहिक नकल कराए जाने की रिपोर्ट मिली है।
इसको गंभीरता से लेते हुए कुलपति प्रो. जेवी वैशंपायन ने कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए हैं। यूएफएम कमेटी की मीटिंग कराके कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिन कॉलेजों में सामूहिक नकल कराने की रिपोर्ट मिली है, उन्हें इस बार परीक्षा केंद्र की सूची से बाहर किया जाएगा। छात्रहित के नाम पर किसी तरह की मोहलत नहीं दी जाएगी।
इस दिशा में यूनिवर्सिटी प्रशासन ने काम शुरू कर दिया है। यूनिवर्सिटी प्रशासन का कहना है कि उड़नदस्तों की रिपोर्ट को आधार बनाकर ही नकल कराने वाले कॉलेजों को नोटिस दी जाएगी। जवाब मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।
बताते चलें कि यूनिवर्सिटी के एग्जाम में ठाकुरजी महाराज महाविद्यालय बिल्हौर से बड़े पैमाने पर नकल सामग्री बरामद की गई है। कन्नौज और कानपुर देहात में उड़नदस्तों से अभद्रता की गई है।
कानपुर नगर, कानपुर देहात, इटावा, औरैया, फर्रुखाबाद, हरदोई, फतेहपुर, उन्नाव, इलाहाबाद, कौशांबी, सीतापुर, रायबरेली और लखीमपुर खीरी से भी सामूहिक नकल की रिपोर्ट मिली है।
इससे यूनिवर्सिटी प्रशासन चिंतित है। यही वजह है कि यूएफएम कमेटी के माध्यम से कार्रवाई करके यूनिवर्सिटी नकल माफिया और नकलचियों को कड़ा संदेश देना चाह रही है।