युवाओं को रोजगार के नाम पर कम सैलरी और कम सुविधा देने वाली कंपनियों पर सेवायोजन विभाग ने कार्रवाई की है। इसके तहत छह कंपनियों के रोजगार मेले में शामिल होने पर प्रतिबंध लगा दिया है। अभ्यर्थियों के फीड बैक के बाद सेवायोजन विभाग की ओर से इस तरह की पहली बार कार्रवाई की गई है।
युवाओं को ज्यादा से ज्यादा रोजगार मिले इसके लिए लगातार सरकार और विभाग प्रयासरत हैं। इसके अलावा रोजगार पाने वाले युवाओं की सुविधाओं और सैलरी की जानकारी भी समय-समय पर जुटाई जाती है। शासन की नई व्यवस्था के तहत अभ्यर्थियों का फीडबैक भी लिया जा रहा है।
छह कंपनियों पर सेवायोजन विभाग ने रोजगार मेले में शामिल होने पर लगाई रोक
इसी क्रम में कुछ अभ्यर्थियों ने कंपनियों द्वारा तय की गई सैलरी और सुविधाएं न देने की शिकायत की। जांच में शिकायत सही पाई गई। सहायक निदेशक सेवायोजन एसपी द्विवेदी ने बताया कि पुखराज हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड, शिव शक्ति बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड, एक्जेंट एक्वा प्राइवेट लिमिटेड, ओम हिमालयन एग्रोटेक प्राइवेट लिमिटेड, एक्वा हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड, बायोटेक रिसर्च इंस्टीट्यूट इंडिया कंपनी की अनियमितता सामने आई है।
ये कंपनियां प्रदेश में लागू न्यूनतम वेज एक्ट का पालन नहीं कर रहीं हैं। इसके अलावा अभ्यर्थियों को कई-कई महीने की सैलरी नहीं दी। इन कंपनियों को अब रोजगार मेले में शामिल होने की अनुमति नहीं दी गई है।
217 नियोजक हैं विभाग के पोर्टल पर
सेवायोजन कार्यालय के पोर्टल पर 217 नियोजकों ने पंजीकरण करा रखा है। यही नियोजक आवश्यकता के अनुसार अपनी नियुक्तियां पोर्टल पर जारी करते हैं। इसके बाद रोजगार मेला लगता है। सरकार नियोजकों को पोर्टल पर पंजीकरण कराने की व्यवस्था भी अनिवार्य करने जा रही है।