सोमवार को बचाव पक्ष के अधिवक्ता पवनेश कुमार शुक्ला ने अदालत में अभियोजन की ओर से विचारण के दौरान पेश करने वाले गवाहों की सूची अदालत में पेश करने के संबंध में प्रार्थना पत्र दिया। साथ ही कुछ आरोपियों ने पुलिस की तरफ से अदालत में दाखिल की गई केस डायरी व उन्हें मिली केस डायरी में संपूर्ण कागजात न होने के बारे में प्रार्थना पत्र दिया। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने मामले में सुनवाई को आगे बढ़ाने की बात कही।
जिला शासकीय अधिवक्ता राजू पोरवाल व सहायक शासकीय अधिवक्ता शशि भूषण सिंह चौहान व प्रशांत कुमार मिश्रा ने बचाव पक्ष के सभी तर्कों का विरोध करते हुए अदालत को बताया कि बचाव पक्ष लगातार मामले में विचारण को लंबित करने के लिए कोई न कोई प्रार्थना पत्र देकर आरोप तय नहीं होने दे रहे हैं। अदालत ने अभियोजन की दलीलों पर सहमति जताते हुए बचाव पक्ष की सभी दलीलों को दरकिनार कर सभी आरोपियों पर आरोप तय कर दिए। सहायक शासकीय अधिवक्ता शशि भूषण सिंह चौहान ने बताया कि अब मामले में सुनवाई के लिए अदालत ने एक मार्च की तिथि तय की है।
रिचा दुबे अदालत में नहीं हुईं हाजिर
इसी अदालत में गैगस्टर विकास दुबे की पत्नी रिचा दुबे पर दूसरे की आईडी से लिए गए सिम का उपयोग करने का मामला भी चल रहा है। बचाव पक्ष के अधिवक्ता पवनेश कुमार शुक्ला ने बताया कि सोमवार को रिचा दुबे के अदालत में हाजिर न होने पर उनकी हाजरी माफी प्रार्थना पत्र अदालत में दिया गया है मामले में अगली सुनवाई के लिए अदालत ने एक मार्च तय की है।