कानपुर। समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित सामूहिक विवाह योजना में लापरवाही बरतने पर निदेशक प्रशांत कुमार ने एडीओ पतारा संजय गुप्ता के खिलाफ चार्जशीट जारी की है। मामले की जांच आगरा मंडल के उपनिदेशक को सौंपकर रिपोर्ट मांगी है। हालांकि प्रमुख सचिव समाज कल्याण एल वेंकटेश्वर लू के निर्देशों के बाद भी छात्रवृत्ति योजना के दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
जिले में दिसंबर में सामूहिक विवाह योजना में अपात्रों की शादी कराने के मामले में जिले से लेकर शासन तक अधिकारी नोटिस-नोटिस खेल रहे हैं। तत्कालीन परियोजना निदेशक पीएन दीक्षित ने अप्रैल माह में जांच कर रिपोर्ट जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह को सौंपी थी। इसमें समाज कल्याण अधिकारी शिल्पी सिंह, पटल बाबू मिनेश गुप्ता, एडीओ संजय गुप्ता को दोषी पाया था। इसके बाद जनता दर्शन में डीएम से तीन छात्रों ने छात्रवृत्ति से वंचित होने की शिकायत की थी। इसकी जांच एसीएम तीन की अध्यक्षता वाली टीम से कराई थी। इसमें पटल बाबू और समाज कल्याण अधिकारी दोषी पाए गए थे। दोनों योजनाओं में लापरवाही मिलने पर जिलाधिकारी ने शासन को 3 जून को पत्र लिखकर दंडात्मक कार्रवाई करने का आग्रह किया था।
डीएम के पत्र का प्रमुख सचिव समाज कल्याण ने संज्ञान लेकर 4 जुलाई को निदेशक को पत्र जारी कर दोषियों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद निदेशक समाज कल्याण ने सामूहिक विवाह योजना में अपात्रों की शादी कराने में दोषी मिले पतारा एडीओ समाज कल्याण संजय गुप्ता को 28 जुलाई को आरोप पत्र जारी कर जांच आगरा मंडल के उपनिदेशक को सौंपी।
-
वर्जन-
जिलाधिकारी के पत्र का संज्ञान लेकर एडीओ को चार्जशीट जारी की गई है। आगरा और कानपुर मंडल के अधिकारियों से जांच रिपोर्ट मांगी गई है। इसके बाद सभी के खिलाफ कार्रवाई होगी।
प्रशांत कुमार, निदेशक समाज कल्याण