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पुनर्विवाह: बदल रहा समाज, दो विधवाएं हुई सुहागन

Fri, 25 Nov 2016 10:53 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, कानपुर
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सामूहिक विवाह कार्यक्रम की तस्वीर - फोटो : अमर उजाला, कानपुर
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शादी के चंद महीने ही बीते थे। दुर्भाग्य से दो युवतियां विधवा हो गई। रंगबिरंगी जिंदगी एक ही झटके में बेरंग हो गई। तनहा जिंदगी मुश्किलों का पहाड़ चढ़ने जैसे नजर आने लगी। हमीरपुर जनपद के भुलसी गांव की प्रीती सिंह का विवाह दो साल पहले बांदा जनपद के हरदौली गांव के राजेश सिंह से हुआ था। शादी के छह माह बाद ही सड़क हादसे में राजेश की मौत हो गई। प्रीती पर ऐसा कहर टूटा था जिसने उसको झकझौर कर रख दिया।
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उधर, बांदा जनपद के नांदादेव गांव की रोशनी देवी पोस्ट ग्रेजुएट है और प्राइवेट स्कूल में टीचर है। पहली शादी हमीरपुर के इचौली गांव के अजय से हुई थी। करीब एक साल तक दोनों हंसी-खुशी जीवन बिताते रहे। लेकिन चित्रकूट से लौटते समय बाइक हादसे में अजय चल बसा। रोशनी के जीवन में अंधेरा छा गया। रोशनी ने एक साल तक विधवा जीवन जीने के बाद परिजनों की प्रेरणा से सामूहिक विवाह मेें पुनर्विवाह करके चित्रकूट जनपद के मानिकपुर निवासी अजय सिंह को अपना जीवन साथी चुन लिया है। अजय पेशे से अधिवक्ता हैं। 

वहीं प्रीती की शादी हमीरपुर जनपद के सुरौली गांव निवासी धर्मेंद्र सिंह से हो गई। खास बात यह है कि धर्मेंद्र की भी दूसरी शादी है। उसकी पहली पत्नी संध्या की मौत बीमारी से शादी के कुछ माह बाद हो गई थी। घर में खेतीबारी है। धर्मेंद्र की पहली पत्नी से एक छोटी बच्ची भी है। 
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अमर उजाला ने अपनी मुहिम के माध्यम से समाज को जागरूक करने का बीड़ा उठाया है। ज्ञात हो बीते माह मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की मौजूदगी में सामूहिक विवाह कार्यक्रम कराया था। इसी के परिणाम है कि आज प्रादेशिक स्तर पर तमाम संस्थाएं सामूहिक विवाह जैसे शुभकर्म के लिए आगे आई हैं। उजड़ चुकी दो जिंदगियों को फिर से पटरी पर लाने और गरीब वर्ग के लोगों को सहारा देने के लिए इससे बेहतर कार्य और क्या हो सकता है।

शुक्रवार को फर्रुखाबाद के राजेंद्र नगर महोत्सव में एक सामूहिक विवाह समारोह में 15 जोड़ों ने एक-दूजे का हाथ थामा। इनमें 14 का वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ विवाह संपन्न कराया गया और एक का निकाह पढ़ाया गया। कार्यक्रम में वर व वधुओं ने एक-दूसरे को जयमाल डाली। जयमाल पड़ते ही पूरा पांडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। पांडाल में बने मंडप में 14 जोड़ों ने अगिभन को साक्षी मानकर सात फेरे लिए। वहीं एक जोड़े का काजी ने निकाह पढ़वाया। इन नव दंपतियों को उपहार स्वरूप गृहस्थी का सामान भी भेंट किया गया।

वहीं बांदा में 18 जोड़ों ने रखा दांपत्य जीवन में पहला कदम अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के बैनर तले शुक्रवार को सामूहिक विवाह यज्ञ में 18 युगलों ने एक-दूसरे को वर माला पहनाकर अग्नि के सात फेरे लिए और अपना रिश्ता पति-पत्नी के रूप में पक्का कर लिया। दूल्हा-दुल्हन दोनों पक्ष के लोगों की अगुवानी के साथ जरूरी सामान उपहार में दिया। 
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