घाटमपुर कोतवाली के स्योंदी-ललईंपुर गांव के पास शुक्रवार को दोपहर वैन सवार बदमाशों ने बाइक सवार युवक की गोली मारकर हत्या कर दी और फरार हो गए। दिनदहाड़े हाईवे पर हुई घटना से हड़कंप मच गया। युवक हाल ही में जेल से छूटकर आया था। पुलिस युवक के शव को मौके से उठाकर सीएचसी ले आई।
सर्देपुर (गोपालपुर) गांव निवासी किसान जगदीश यादव का पुत्र अनुज (25) ट्रक क्लीनर की हत्या और लूट के मामले में डेढ़ साल से जेल में था। पंद्रह दिन पहले ही वह वहां से छूटकर गांव आया था। शुक्रवार को वह मल्हरा (हमीरपुर) किसी दोस्त से मिलने गया था। बाइक से घर लौट रहा था, दोपहर दो बजे वह अपने गांव के सामने पहुंचा, तभी कानपुर-सागर राजमार्ग पर पीछे से आए वैन सवार बदमाशों ने ओवरटेक कर अनुज के सीने पर बांई ओर गोली मार दी और भाग निकले। गोली लगते ही अनुज बाइक समेत रोड किनारे खड्ड में जा गिरा।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक अनुज के साथ बाइक पर एक और युवक था, जो घटना के बाद मौके से भाग निकला। बताया कि अनुज और उसका साथी (दोनों) चेहरे पर रुमाल बांधे थे। इधर, घाटमपुर की ओर जा रहे सजेती एसओ एपी वर्मा ने रोड किनारे खड्ड में पड़े युवक को जीप में लदवाया और सीएचसी घाटमपुर ले गए, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। उसकी जेब में वोटर कार्ड मिला, जिसमें लिखे नाम-पते के आधार पर पुलिस ने सर्देपुर गांव में खबर भेजी।
सीएचसी में दो-ढाई घंटे तक शव रखा रहा, लेकिन कोई उसकी पहचान करने को तैयार नहीं था। शाम को उसकी मां और पिता सीएचसी पहुंचे और उसकी पहचान की। दिनदहाड़े हाईवे पर युवक की गोली मारकर हुई हत्या की सूचना पर सीओ सदर ब्रह्म सिंह यादव घाटमपुर पहुंचे और थाना बिधनू और सजेती का पुलिस बल बुला लिया गया।
घटना के पीछे वर्चस्व का मामला
घाटमपुर। अनुज यादव की गांव में वर्चस्व और आपराधिक प्रवृत्ति की पृष्ठभूमि रही है। पुलिस उसका आपराधिक इतिहास भी खंगाला रही है। मां और पिता जगदीश यादव के अनुसार अनुज की हत्या में गांव के ही लोगों का हाथ है। हत्या में संलिप्त लोगों का पता लगाने के लिए पुलिस तहरीर का इंतजार कर रही है।
चुनमुन गिरोह का सदस्य था
घाटमपुर। गांव वालों के मुताबिक अनुज यादव घाटमपुर निवासी अपराधी चुनमुन के गिरोह का सदस्य था। वह डेढ़ वर्ष पहले एक ट्रक लूट और हत्या के मामले में जेल भेजा गया था। वहीं चुनमुन भी जेल में बंद था। दोनों हाल ही में जेल से छूटे थे। मां के मुताबिक अनुज चुनमुन से ही मिलने के लिए घर से निकला था।
बच्चे की सलामती के लिए मां ने रखा था व्रत
घाटमपुर। जेल से छूटकर घर आने की खुशी में अनुज की मां ने शुक्रवार को संकटा देवी का व्रत रखने के बाद महिलाओं की दावत की थी। बेटे की हत्या की खबर पाकर सीएचसी पहुंची, मां बार-बार कह रही थी कि देवी मां मैंने तो बेटे की सलामती के लिए व्रत रखा और आपने उसकी बलि ले ली। वह बार-बार गांव के ही दो सगे भाइयों का नाम ले रही थी कि उन्होंने ही उसके बेटे को सुपारी देकर मरवाया है। आरोपी पुलिस विभाग में तैनात बताए जा रहे हैं, लेकिन पुलिस ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है।