भाजपा में सदस्यता अभियान चल रहा है। अराजक तत्वों की पार्टी में एंट्री न हो पाए, इसके लिए पार्टी सतर्कता बरत रही है। मानीटरिंग टीम का गठन किया गया है। यह टीम पता करेगी कि सदस्यता लेने वाले की क्या पृष्ठभूमि है।
जांच पूरी होने के बाद जब यहां से प्रांतीय इकाई सदस्यता कमेटी को ऑनलाइन रिपोर्ट जाएगी, तब जाकर उस नए व्यक्ति को सदस्यता मिलने का पासवर्ड हासिल हो पाएगा।
सदस्यता के नियमों के अनुसार सक्रिय सदस्य बनने के लिए तत्काल तो किसी को भी ऑनलाइन के जरिए पार्टी से जोड़ा जा सकता है।
लेकिन उसकी सदस्यता तभी मानी जाएगी, जब उस की पूरी तरह से जांच हो जाएगी। इस जांच के लिए कई स्तर पर टीम गठित है।
पिछले कई दिनों से कानपुर में जगह-जगह आयोजित किए जा रहे सदस्यता अभियान में इस बात को बहुत गंभीरता से पदाधिकारी बता रहे हैं।
क्षेत्रीय अध्यक्ष मानवेंद्र सिंह ने बताया कि जिन पचास लोगों को एक सदस्य के माध्यम से पार्टी से जोड़ना है, वे कौन है और उनका सामाजिक इतिहास कैसा है, चारित्रिक रूप से वह कैसा है, इसकी पूरी जांच होगी। किसी को भी पार्टी का सदस्य नहीं बनाया जा सकता है।