न्यायालय परिसर के अंदर घुसने की जद्दोजहद चौथे दिन भी जारी रही।
अधिवक्ताओं के विरोध के चलते वादकारी अंदर नहीं घुस सके। अनहोनी रोकने के
लिए अब पुलिस फोर्स तैनात कर दिया गया है। फिलहाल रविवार को भी वादकारियों
को मायूस लौटना पड़ा।
बताते चलें कि जिला सत्र न्यायलय परिसर में
अधिवक्ता चेंबर का विवाद सुलझता दिखाई नहीं दे रहा है। रोजाना अधिवक्ताओं
का विरोध प्रबल हो रहा है। रविवार को मासिक राष्ट्रीय लोक अदालत में आए
वादकारियों को अधिवक्ताआें का विरोध झेलना पड़ा। आक्रोशित अधिवक्ताआें ने
वादकारियों को अंदर घुसने नहीं दिया।
इस दौरान पुलिस ने अधिवक्ताओं को
समझाने का प्रयास किया। लेकिन अधिवक्ता नहीं माने। जिसके चलते दोपहर बाद तक
वादकारी अंदर नहीं जा सके। जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अरविंद सिंह
यादव, महामंत्री शैलेंद्र तिवारी का कहना है कि चेंबर आवंटन न होने तक उनका
विरोध जारी रहेगा। प्रत्येक अधिवक्ता को चेंबर मिलना चाहिए।
इसी क्रम में
एकीकृत बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राधेश्याम कटियार, महामंत्री हरिचरण
कुशवाहा ने कहा कि अधिवक्ताओं को टीनशेड के नीचे भेजना गलत है। उन्हें
स्थायी चेंबर मिलने चाहिए। अधिवक्ता विशाल सचान ने कहा कि चेंबर के लिए जगह
भी आवंटित है। इसके बाद अभी तक चेबर न बनना पूरे कार्य में हीलाहवाली है।
यही हाल रहा तो अधिवक्ता और वादकारी दोनों परेशान रहेंगे। न्यायिक
अधिकारियों को चेंबर आवंटन मसले पर तत्काल कठोर कदम उठाना चाहिए।
रविवार
को विरोध प्रदर्शन के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक संखवार, विशाल सचान,
रमेश कुमार पांडेय, अवधेश कुमार शुक्ला, वीरेंद्र सिंह, लाल मोहम्मद, अमर
सिंह, गिरीशचंद्र दुबे, अमर सिंह, सफीक कुरैशी, भारतसिंह, अब्दुल सलाम,
चौधरी संग्राम सिंह, मुकेश कटियार, सुशील कटियार, जितेंद्र निगम, संजय
सिसौदिया, राजेश परिहार आदि मौजूद रहे।