चकरनगर। शहर के चकरनगर और उदी क्षेत्र से होकर निकली चंबल नदी का जलस्तर गुरुवार को घटना शुरू हो गया। नदी में पानी घटने से किनारे के गांवों के लोगों व प्रशासन ने राहत की सांस ली है। बुधवार तक नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु से महज तीन मीटर नीचे था, जिससे क्षेत्र में बाढ़ की आशंका गहराने लगी थी। बुधवार दोपहर नदी का स्तर 116.76 मीटर पर स्थिर हुआ और रात धीरे-धीरे घटकर 116.75 मीटर पर पहुंच गया।
गुरुवार शाम पांच बजे तक चंबल का जलस्तर घटकर 115.42 पर पहुंच गया। चंबल नदी ने बीते दो दिनों में रौद्र रूप धारण कर लिया था। मध्य प्रदेश और राजस्थान में भारी बारिश के चलते कोटा बैराज से दो लाख चार हजार 582 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण नदी का जलस्तर अचानक आठ मीटर तक बढ़ा था।
इससे चकरनगर क्षेत्र के 42 तटवर्ती गांवों में लोग बाढ़ के खतरे से डरे हुए थे। बीहड़ के खारों से होते हुए पानी गांवों के रास्तों तक पहुंच गया था। ग्रामीणों को डर था कि कहीं वर्ष 2022 जैसी बाढ़ फिर से न आ जाए। एसडीएम ब्रह्मानंद कठेरिया ने बताया कि फिलहाल जलस्तर में कमी आ रही है और हालात नियंत्रण में हैं।
प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारी कर ली गई है। ग्रामीणों की चिंता कुछ हद तक कम जरूर हुई है, लेकिन मौसम और बैराज की स्थिति को देखते हुए खतरे की आशंका पूरी तरह टली नहीं है। प्रशासन ने तटवर्ती गांवों को अलर्ट पर रहने को कहा है।
चंबल नदी चेतावनी बिंदु
-जीरो लेवल 102.00 मीटर
-चेतावनी निशान 119.80 मीटर
-खतरे का निशान 120.80 मीटर
-डेंजर लेवल 129.910 मीटर
गुरुवार को इस तरह घटा जल स्तर
- सुबह एक बजे 115.72
- सुबह दस बजे 115.50
- दोपहर बारह बजे 115.48
- शाम तीन बजे 115.44
- शाम चार बजे 115.42